आजाद जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री पद के लिए भी लिया था इंटरव्य़ू
दरअसल दो महीने पहले जुलाई में आजाद जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री पद के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया था और उनसे कई तरह के सवाल पूछे थे। उम्मीदवारों से भविष्य की योजना, पर्यटन, पर्यावरण, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के अलावा सीमा विवाद से जुड़े सवाल पूछे गए थे। ये बात खुद सूचना मंत्री ने बताई थी। आजाद जम्मू-कश्मीर के पीएम पद के लिए सात से ज्यादा उम्मीदवारों ने ये इंटरव्यू दिए थे। एक मंत्री ने डॉन अखबार को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रधानमंत्री इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से खुश नहीं थे और कहा था कि देश में नेतृत्व करने की क्षमता रखने वालों की बहुत कमी है। उन्होंने ये भी कहा था कि उनके पास इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों के लिए कई जगहों से सिफारिशें भी आईं, लेकिन उन्होंने किसी के दबाव में आकर नियुक्ति नहीं की।
हाल ही में मौजूदा आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद का तबादला पेशावर में सैन्य कमांडर के तौर पर कर दिया गया है और कराची के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम को तात्कालिक तौर पर आईएसआई का डीजी बना दिया गया है। लेकिन अब इंटरव्यू के बाद जल्द ही नए डीजी की नियुक्त हो जाएगी। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि इमरान खान संविधान और नियमों को दरकिनार कर ऐसे फैसले ले रहे हैं। वे खुलकर बता भी रहे हैं कि देश का नागरिक और सैन्य नेतृत्व एक बेहतर तालमेल के साथ ही चल सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने ये एलान कर दिया कि आईएसआई चीफ जल्दी ही नियुक्त हो जाएगा।
माना जा रहा है कि अफगानिस्तान संकट और तालिबान के वहां सत्ता पर काबिज होने के बाद से आईएसआई चीफ फैज हमीद और पीएम इमरान खान के बीच मतभेद बढ़ गए थे, इसीलिए उन्हें हटा दिया गया। लेकिन ऐसी चर्चाओं को सरकारी प्रवक्ता सही नहीं मानते और कहते हैं कि विपक्ष सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कर रहा है। अफगानिस्तान के साथ मानवीयता के आधार पर रिश्ते बनाए रखना और हर हाल में उसकी मदद करना पाकिस्तान अपना फर्ज मानता है और कहता है कि ऐसे वक्त में अफगानिस्तान को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता, इससे वहां आतंकी संगठन और फले फूलेंगे।