पाकिस्तानी विपक्ष ने देश को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से न निकाल पाने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना की है।
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी व पूर्व प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ ने इमरान सरकार से संसद को वे शर्तें बताने के लिए कहा जिन्हें पूरा न करने से पाकिस्तान को सूची में रखा गया।
इस पर यहां के संसदीय मामलात राज्यमंत्री अली मोहम्मद खान ने कहा कि कुछ लोगों को सजा दी जानी है, केवल यही वजह अभी बाकी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह लोग वे आतंकी और आतंकी संगठन हैं, जिनके खिलाफ पाकिस्तान को कार्रवाई करनी है। लेकिन उन्हें बचाकर वह भारत के खिलाफ छद्म युद्ध नीति जारी रखना चाहता है।
आतंक को समर्थन, कहा-हम राजनीतिक वजहों से सूची में
अली मोहम्मद ने पाकिस्तान सरकार द्वारा आतंकियों को समर्थन देने की बात परोक्ष रूप से स्वीकारते हुए कहा कि उनका देश राजनीतिक वजह से ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं आ सका है। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने कुछ खास लोगों पर कार्रवाई नहीं की, पाकिस्तान इसकी कीमत चुका रहा है।