पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ
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पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) मोईद यूसुफ अपने उस बयान से पलट गए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पश्चिमी देश तालिबानी आतंकियों को मान्यता नहीं देंगे, तो 11 सितंबर 2001 जैसा हमला दोहराया जा सकता है। यूसुफ के इस बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। अब उनके कार्यालय ने बयान जारी किया है कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया।
'तालिबान के साथ काम करो या 90 के दशक की भयावहता झेलो' शीर्षक से 28 अगस्त को एक ब्रिटिश अखबार में प्रकाशित इस इंटरव्यू में यूसुफ ने कहा था, मेरे शब्द गांठ बांध लो, अगर 90 के दशक की गलतियां दोहराई गई और अफगानिस्तान को उसके हाल पर छोड़ा तो उसका परिणाम भी वैसा ही होगा। सुरक्षा का एक खालीपन पैदा होगा, जिसे वे तत्व भरेंगे जो स्वीकार नहीं हैं, लेकिन वे पाकिस्तान व पश्चिम, दोनों के लिए खतरा होंगे।
उनके इस बयान की तीखी आलोचना हुई थी। अधिकतर रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा आक्रामक तालिबान के पीछे पाकिस्तान ही है। इस वजह से अफगानिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार की सेना को पराजय मिली।