रहमान ने कहा कि जिस सीट से उन्होंने जीत हासिल की है, वहां से असल विजेता इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार है। चुनाव आयोग की ओर से जारी परिणामों के मुताबिक रहमान ने पीएस-19 सीट (कराची सेंट्रल) से 26 हजार 296 मतों से जीत दर्ज की। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान कई निर्वाचन क्षेत्रों में कथित धांधली को उजागर करने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा,इस सीट पर पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार जीता है और मैं इस सीट से जीत का लाभ नहीं उठाऊंगा।
जेयूआई के नेता ने कहा, मैंने अनुमान लगाया था कि केवल कुछ सौ मतों का अंतर होगा। मैंने अपनी टीम से हर फॉर्म की जांच करने के लिए कहा। जब हमने जांच की तो पता चला कि पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने दिया कि हमें कम वोट मिले। मैं सफल नहीं हो सका, तो मैंने यह सीट सौंप दी। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम के आकलन के मुताबिक, पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सैफर बारी ने इस सीट पर जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि उनके वोट 31 हजार से घटकर 11 हजार हो गए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' एक पोस्ट की। इसमें उन्होंने कहा, अपनी अंतरात्मा की आवाज और पार्टी की नैतिकता की परंपरा के मुताबिक मैंने प्रांतीय विधानसभामें अपनी सीट को खाली कर दिया। मैं मांग करता हूं कि वे सभी सीट हमें लौटाई जाएं, जिस पर हमने जीत हासिल की है। रहमान का यह फैसला बीते दो दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आया है। सिंध प्रांत के विभिन्न हिस्सों में चुनाव में कथित धांधली को लेकर कई दल प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें कुछ हिंसक प्रदर्शन भी शामिल हैं।