टीटीपी, जिसे आमतौर पर पाकिस्तानी तालिबान के रूप में जाना जाता है, अफगान-पाकिस्तान सीमा से गतिविधियां चलाने वाला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है। राशिद ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों से लड़ना उचित नहीं है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने प्रतिबंधित आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ बातचीत करने के सरकार के कदम का बचाव करते हुए कहा कि बातचीत "अच्छे तालिबान" के लिए है। राशिद की टिप्पणी तुर्की के न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा खुलासा किए जाने के बाद आई है कि उनकी सरकार अफगानिस्तान में तालिबान की मदद से टीटीपी के साथ बातचीत कर रही है, जिसकी नेताओं और आतंकवाद के पीड़ितों ने आलोचना की है।
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पाकिस्तान के मशहूर ‘डॉन’ समाचार-पत्र ने बताया कि सरकार के कदम का बचाव करते हुए, मंत्री ने कहा कि पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) में दिसंबर 2014 में नरसंहार सहित देश में रक्तपात के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों के लिए बातचीत का प्रस्ताव नहीं था, जिसमें 150 से अधिक लोग मारे गए थे।उन्होंने कहा, “हमें बहुत अच्छे से पता है कि कौन अच्छा है और कौन बुरा। अगर किसी को भी लगता है कि हमें इसकी जानकारी नहीं है, तो यह उसकी गलतफहमी है, उसे समझ नहीं है।”
बड़े पैमाने पर चल रही थी बातचीत
गृहमंत्री राशिद ने कहा कि बातचीत की पेशकश केवल “अच्छे तालिबान” के लिए थी और इस पर बातचीत बड़े पैमाने पर चल रही थी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण जीवन अपनाने के लिए आत्मसमर्पण करने वालों से लड़ना उचित नहीं है।