पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (फाइल फोटो)
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पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा कि भारत द्वारा 1974 में पहला परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद पाक द्वारा सात साल के अंदर परमाणु क्षमता हासिल करना आजादी के बाद उनके देश की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। इस तरह 1998 में आधिकारिक तौर पर एटमी क्षमता हासिल करने की घोषणा से बहुत पहले हमने इसे हासिल कर लिया था। उन्होंने कहा, हम पड़ोसियों से शांति चाहते हैं।
पाकिस्तान के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रेसिडेंट हाउस में हुए ध्वजारोहण समारोह में अल्वी ने कहा कि बीते 74 साल में हम पर तीन जंग थोपी गईं, हालांकि चुनौतियों के बावजूद देश आगे बढ़ता रहा। पाकिस्तान की उपलब्धियों पर उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में परमाणु क्षमता हासिल करना अहम उपलब्धि है।
अल्वी ने कहा, इसके साथ ही पाक उन देशों की कतार में शामिल हो गया जो विकसित थे और अपनी सुरक्षा के लिये परमाणु हथियार रखते हैं। पाकिस्तान के समक्ष चुनौतियों का जिक्र करते हुए अल्वी ने कहा कि क्षेत्र में हथियारों के लिये होड़ चल रही है और देश हथियारों की क्षेत्रीय होड़ में फंस गया है। उन्होंने कहा, इसके बावजूद मूल रूप से कृषि अर्थव्यवस्था वाला उनका देश अपनी खाद्यान्न जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने इस दौरान कश्मीर का मुद्दा भी उठाया।
आर्थिक क्षति और आतंक विरोधी जंग का भी जिक्र
अल्वी ने अपने भाषण में आतंकवाद के खिलाफ जंग में एक लाख जान गंवाने और 150 अरब से ज्यादा का आर्थिक नुकसान झेलने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन संकटों के बावजूद पाकिस्तान विजेता बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दशकों से करीब 35 लाख शरणार्थियों को अपने यहां पनाह दे रखी है।