भारतीय मूल के 53 वर्षीय सिंगापुरी नागरिक को एक शख्स की धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने और सार्वजनिक तौर पर शराब के नशे की हालत में पाए जाने के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई। जसविंदर सिंह को 13 हफ्ते 13 दिन की सजा सुनाई गई। उसने एक बस चालक की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने और सार्वजनिक तौर पर नशे की हालत में मिलने का अपना दोष स्वीकार किया।
30 जून को शराब के नशे में बिना मास्क पाया गया जसविंदर सिंह
जानकारी के मुताबिक, सिंह को 29 जून से सात अगस्त तक क्षमा मिलने के बाद जेल से रिहा ही किया गया था जब यह घटना हुई। 30 जून को वह शराब के नशे में बिना मास्क लगाए एक सार्वजनिक बस में चढ़ा और बस के एक जगह रुकने पर, उसने बस चालक के पास जाकर उसके कान में उसकी नस्ल के बारे में पूछा।
बस चालक ने जब उसे बताया तो जसविंदर उस पर चिल्लाया और उसे आतंकवादी कहने लगा। उसने चालक के धर्म और उसकी मां को लेकर भी अपशब्द कहे। 10 मिनट बाद इंटरचेंज पर बस के पहुंचने के बाद भी वह ड्राइवर को चिढ़ाता रहा और नीचे उतरने के बाद मारपीट करने की चुनौती देता रहा।