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PAK: 17 लाख अप्रवासी 'अवैध', सख्ती के खिलाफ कराची में प्रदर्शन, अफगानिस्तान की दो टूक- नाइंसाफी कर रहा पाक

Fri, 06 Oct 2023 04:24 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कराची

सार

अफगान गायकों के बीच अवैध अप्रवासियों पर पाकिस्तान सरकार की सख्त कार्रवाई को लेकर आक्रोश है। पाक सरकार की कार्रवाई और निर्वासन की चिंताओं के बीच अफगान गायकों ने क्वेटा में उग्र विरोध प्रदर्शन किया। अफगान सरकार के मंत्री ने एक्शन को नाइंसाफी बताया है।
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Afghanistan Defense Mullah Mohammad Yaqoob - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान में बिना दस्तावेज वाले हजारों अप्रवासियों पर निर्वासन की तलवार लटक रही है। पाकिस्तान सरकार की सख्त कार्रवाई से भड़के अफगानी लोगों ने क्वेटा में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। देश में उग्रवाद और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही पाकिस्तान सरकार के इस एक्शन से अफगान नागरिकों सहित हजारों ऐसे अप्रवासियों को देश से निकाले जाने का खतरा है जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं है।
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देश छोड़ने या कारावास और निर्वासन का जोखिम
क्वेटा में यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे गायक बैनर लेकर पहुंचे थे। नारेबाजी करते दर्जनों अफगान गायक पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं, जिसमें बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों को देश छोड़ने या कारावास और निर्वासन का जोखिम उठाने की चेतावनी दी गई है। 

तालिबान शासन के उत्पीड़न की आशंका
समय सीमा निर्धारित करने के पाक सरकार के फैसले से अफगान नागरिकों सहित हजारों अप्रवासियों पर असर होगा, जिनके पास 1 नवंबर की समय सीमा से पहले पाकिस्तान में रहने के लिए जरूरी कानूनी दस्तावेज नहीं होंगे। प्रदर्शनकारी अफगान गायकों का कहना है कि वे अफगानिस्तान नहीं लौटना चाहते। तालिबान शासन के उत्पीड़न की आशंका से घिरे गायकों का सवाल है कि अगर उन्हें अफगानिस्तान लौटने पर मजबूर किया गया तो उनका भविष्य क्या होगा।
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गायकों को बुरा मानते हैं अफगानिस्तान के तालिबानी शासक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक अफगान गायक अहमद शदायी ने कहा, भले ही हमारे पास वैध शरणार्थी होने का प्रमाण है, इसके बावजूद उन्हें निर्वासन का डर सता रहा है। उन्हें अपने और परिजनों के भविष्य की चिंता सता रही है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि तालिबान गायकों को बुरा मानते हैं। ऐसे में वे अफगानिस्तान में सुरक्षित नहीं होंगे। क्वेटा पहुंचे प्रदर्शनकारी अपने साथ गायन और वाद्ययंत्र भी लाए थे।

2021 में छोड़ा अफगानिस्तान, अब पाकिस्तान में भी संकट
गौरतलब है कि तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्ज़ा किया था। तालिबानी शासन आने के बाद काबुल छोड़कर भागे शेडेयी भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी पहले अफगानिस्तान से जान बचाकर भागे, अब पाकिस्तान में भी उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है। 

कानूनी दस्तावेजों की कमी के कारण 1700 गिरफ्तार
मानवाधिकार के इस मुद्दे पर यूएनएचसीआर क्वेटा के प्रवक्ता हुमेरा करीम ने कहा कि वे गायकों की मदद करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने गुरुवार को कराची में अवैध अफगान शरणार्थियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। 1700 लोगों को कानूनी दस्तावेजों की कमी के कारण गिरफ्तार किया गया। 

पाकिस्तान अतिथि सत्कार से थक चुका है
कार्यवाहक गृह एवं कारागार मंत्री, ब्रिगेडियर. (सेवानिवृत्त) हारिस नवाज ने कहा कि अवैध शरणार्थी पाकिस्तान की स्थानीय आबादी के बीच रह रहे हैं। नरमी नहीं बरते जाने का साफ संदेश देते हुए नवाज ने कहा, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति का संकेत दिया और कहा पाकिस्तान अब हम अपने आतिथ्य सत्कार से बहुत ज्यादा थक चुका है।

अमेरिकी सेना के हथियार अफगान लोगों के पास
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शरणार्थी आतंकवाद को बढ़ावा देने में शामिल पाए गए हैं। नवाज के अनुसार, हम वास्तविक दोषियों की पहचान करने का जोखिम नहीं उठाएंगे। सभी अवैध अप्रवासियों को घर वापस भेजा जाएगा। पाकिस्तान  सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने 2021 में अफगानिस्तान छोड़ा। उन्होंने अफगानिस्तान में कई हथियार छोड़े जो अब आतंकवादी संगठनों के पास हैं।

बलूचिस्तान और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी हमले
मंगलवार को पाकिस्तान सरकार के आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती ने निर्वासन के लिए एक नवंबर की समय सीमा का एलान किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार का फैसला बलूचिस्तान और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी हमलों की लहर के बाद आया है।

14 हमलों में अफगान नागरिकों का हाथ, पाक के पास सबूत
बुगती ने कहा, "जनवरी से अब तक 24 आत्मघाती हमले हुए हैं; इन 24 में से 14 हमलों में अफगान नागरिकों का हाथ रहा है।" उन्होंने कहा, इसमें कोई दो राय नहीं है कि पाकिस्तान में अफगानिस्तान के भीतर से हमला किया गया है और अफगान नागरिक इनमें शामिल हैं। पाक सरकार के पास पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर के बाद अवैध नागरिकों को निर्वासित किया जाएगा। साथ ही उनकी संपत्ति और कारोबार भी जब्त किए जाएंगे।

निर्वासन के खतरे पर क्या बोले अफगान सरकार के मंत्री
पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई के बीच अफगान सरकार के मंत्री ने एक्शन को अनैतिक करार दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में तालिबान की ओर से नियुक्त कार्यवाहक रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने 31 अक्टूबर तक अफगान शरणार्थियों को निष्कासित करने के फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने फैसले को "अन्यायपूर्ण" करार दिया।

हिंसक एक्शन रोकने की अपील, निवेशकों से फंड रोकने का आह्वान
मुजाहिद ने काबुल में पुलिस अकादमी के एक कार्यक्रम में कहा, पाकिस्तान के इस फैसले से काबुल और इस्लामाबाद के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान होगा। उन्होंने पाकिस्तानी लोगों और मौलवियों से देश में अफगान शरणार्थियों के खिलाफ इस तरह की "हिंसक" कार्रवाइयों को रोकने की अपील भी की। मुल्ला मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने पाकिस्तान में निवेश करने वाले अफगान निवेशकों से भी फंड रोकने और अफगानिस्तान की आत्मनिर्भरता पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, अफगानों के खिलाफ आतंक और क्रूरता हो रही है।

पाकिस्तान में लगभग 1.7 मिलियन अवैध अफगान शरणार्थी
गौरतलब है कि पाकिस्तान में अवैध अफगान शरणार्थियों को बाहर निकालने का अभियान पहले भी चलाया जा चुका है। हालांकि, कुछ हफ्तों के बाद सरकार को इसमें पूरी सफलता नहीं मिली। सरकारी अनुमान के अनुसार, लगभग 1.7 मिलियन अवैध अफगान शरणार्थी पाकिस्तान में मौजूद हैं, जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है।  संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 1.3 मिलियन अफगान शरणार्थी पंजीकृत हैं। 8.80 लाख को पाकिस्तान में रहने का कानूनी अधिकार हासिल है। आत्मघाती हमलों के बाद पाकिस्तान सरकार और तालिबान शासन के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं।
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