इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) ने बुधवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) द्वारा इस्लामाबाद में रैली का आयोजन करने वाली याचिका को स्वीकर कर ली है। अदालत ने अधिकारियों को कानून के तहत पार्टी को रैली का आयोजन करने का आदेश भी दिया।
अप्रैल में होगा रैली का आयोजन
इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पीटीआई द्वारा एक रैली आयोजित करने के मामले पर सुनवाई की। पार्टी इस रैली का आयोजन 23 या 30 मार्च को करना चाहती थी, लेकिन बाद में उन्होंने इसे छह अप्रैल को आयोजित करने का फैसला किया। जिला प्रशासन द्वारा अनुमति देने से इनकार करने के बाद पार्टी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
आईएचसी के मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने मामले की सुनवाई की। उन्होंने कहा, "किसी से मिलने का अधिकार नहीं छीना जा सकता है। शर्तें तय करने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन नियम एवं शर्तों के विपरित इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए।"
रैली के दौरान दंगा न हो: जस्टिस फारूख
पीटीआई के वकील शेर अफजल मारवत ने बताया कि उनकी पार्टी छह अप्रैल को सार्वजनिक रैली आयोजित करना चाहती है। इस पर जस्टिस फारूक ने पार्टी को यह सुनिश्चित करने को कहा कि रैली के दौरान कोई दंगा न हो। मारवत ने कहा, "हम पूरी तरह से तैयार हैं।" जस्टिस फारूख ने चीनी नागरिकों पर हमलों के मद्देनजर सुरक्षा चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि जिंदगी रुकती नहीं, चलती रहती है। हमें इसी तरह आतंकवाद को खत्म करना होगा।
बता दें कि आठ फरवरी को आम चुनाव के बाद पीटीआई की तरफ से यह एक बड़ा आयोजन होगा। पीटीआई के संस्थापक इमरान खान पर 2022 में सत्ता से बाहर जाने के बाद से ही कई मामले दर्ज किए गए थे। उन्हें पहले ही चार मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। दो मामलों में उनकी पत्नी भी दोषी है।