पाकिस्तान ने एक बार फिर पुराना राग अलापते हुए दोनों देशों के बीच ठंडे पड़े रिश्तों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए चीन-पाक संबंधों को बिगाड़ने की कोशिश का स्तरहीन आरोप भी लगा दिया।
अल्वी ने पाकिस्तान संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए ये बात कही। 2019 में पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर हवाई हमले को याद करते हुए अल्वी ने कहा कि पाकिस्तान ने पड़ोसी के साथ हमेशा अच्छे संबंध रखने चाहे, लेकिन भारत ने इसे हमारी कमजोरी समझा। बता दें कि पुलवामा हमले में 40 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई आतंकियों को ढेर किया था।
अल्वी ने पुराना राग अलापते हुए कहा कि भारत कश्मीर में अन्याय कर रहा है। इसके साथ ही अल्वी ने अफगानिस्तान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में एक सकारात्मक भूमिका अदा कर रहा है।
बता दें कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका जगजाहिर हो चुकी है और उसका चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। आईएसआई चीफ फैज हमीद ने अफगानिस्तान पहुंचकर तालिबान नेताओं से मुलाकात की और सरकार गठन में भी पाकिस्तान की भूमिका रही है। हमीद इन दिनों पंजशीर में बताए जाते हैं जहां तालिबान का नॉर्दन रेसिस्टेंस फ्रंट के साथ जबरदस्त युद्ध छिड़ा था।
अल्वी ने पाकिस्तान की कथित विकास में चीन की भूमिका की भी तारीफ की। साथ ही भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा कि वह पाकिस्तान-चीन के रिश्तों को खराब करने की कोशिश कर रहा है, इसके बावजूद दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा, हम चीन के साथ रिश्तों बहुत महत्व देते हैं और उन्हें और मजूबत करना चाहते हैं।
घरेलू मोर्चे पर अल्वी ने कहा कि इस सरकार के तीन साल के कार्यकाल में देश में समृद्धि आई है, आर्थिक मोर्चे, सामाजिक व मानवीय विकास के साथ विदेश नीति पर भी देश को सफलता मिली है।
अल्वी ने देश की लगातार बढ़ती जनसंख्या को लेकर भी चेताया और कहा कि लोगों को इस पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही सरकार से गुजारिश की कि इसे लेकर बजट को बढ़ाया जाए।