देश के एक प्रमुख अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संघीय मंत्रिमंडल की एक उप-समिति ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में पीटीआई पार्टी के प्रमुख इमरान खान और 28 अन्य के नाम ईसीएल में रखने की सिफारिश की है।
मामले में आरोप है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने उस पचास अरब रुपये को वैध बनाने के लिए बहरिया टाउन लिमिटेड से अरबों रुपये और सैकड़ों कनाल की जमीन हासिल की, जिसकी पहचान खान के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान ब्रिटेन द्वारा की गई और देश को लौटा दी गई।
इमरान को इस साल के शुरुआत में इस मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख इमरान खान अभी गोपनीय राजनयिक केबल (साइफर) को लीक करने के मामले में अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें 14 नवंबर को दोबारा अल-कादिर ट्रस्ट मामले में 14 नवंबर को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के द्वारा गिरफ्तार किया गया था।
देश के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि संघीय मंत्रिमंडल की उप-समिति की बैठक में अंतरिम गृहमंत्री सरफराज बुगती और अन्य विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसने कहा, समिति ने विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा भेजे गए 41 लोगों के नाम ईसीएल में डालने की सिफारिश की है। एनएबी की सिफारिश पर इमरान खान समेत 29 लोगों के नाम ईसीएल में डालने की सिफारिश की गई है।
इसके अलावा मंत्रालय ने कहा, 13 मामलों को ईसीएल से हटाने की सिफारिश भी की गई है। अदालतों ने ईसीएल से सात नामों को हटाने की मांग की है। इसने आगे कहा कि सिफारिशों को मंजूरी के लिए संघीय कैबिनेट को भेजा गया है।