लाहौर की जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश अली जुल्करनैन अवान ने शहबाज, संघीय मंत्रिमंडल के सदस्यों फवाद हसन और अहद खान चीमा व अन्य को आशियाना-ए-इकबाल आवासीय योजना भ्रष्टाचार मामले में राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक निकायत की रिपोर्ट पर बरी कर दिया।
शहबाज शरीफ (72 वर्षीय) तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के अभियोजक वारिस अली जंजुआ ने उच्चतम न्यायालय के एक हालिया आदेश की व्याख्या पर एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें निचली अदालतों को कानून में संशोधन पर फैसले के खिलाफ अपील पर निर्णय आने तक अंतिम आदेश घोषित करने से रोक दिया गया था।
उन्होंने अदालत से कहा, शीर्ष अदालत का स्थगन आदेश बरी किए गए आवेदनों पर लागू नहीं होता क्योंकि निचली अदालत ने गुण-दोष के आधार पर उनकी सुनवाई की और कानून में निष्क्रिय संशोधनों का कार्यवाही से कोई लेना-देना नहीं था।
एनएबी की रिपोर्ट पर गौर करने के बाद न्यायाधीश ने आरोपियों के आवेदनों को स्वीकार कर लिया और उन्हें बरी कर दिया। न्यायाधीश ने कहा, 'मामले में दोषसिद्धि की कोई संभावना नहीं है।'
अप्रैल 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अपदस्थ किए जाने के बाद से शरीफ बंधुओं नवाज शरीफ और शहबाज शरीफ तथा पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के अन्य सदस्यों को भ्रष्टाचार के किसी न किसी मामले में अदालतों से राहत मिलती रही है।