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यूक्रेन में एक और भारतीय की मौत: विनित्सिया मेडिकल विवि के अस्पताल में भर्ती छात्र की जान गई, पंजाब के रहने वाले थे

Wed, 02 Mar 2022 05:52 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव

सार

उनकी मौत की वजह बीमारी बताई जा रही है। वह यूक्रेन की विनित्सिया मेडिकल यूनिवर्सिटी के अस्पताल में भर्ती थे। ब्रेन स्ट्रोक की वजह से वह आईसीयू में एडमिट थे।
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रूस-यूक्रेन युद्ध (सांकेतिक फोटो) - फोटो : रायटर्स
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विस्तार
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यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच भारत के लिए एक और दुखद खबर सामने आ रही है। यहां एक और भारतीय का मौत की सूचना है। जान गंवाने वाला शख्स पंजाब का रहने वाला बताया जा रहा है और उनकी पहचान चंदन जिंदल के रूप में हुई है और उनकी उम्र 22 साल बताई जा रही है।

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हालांकि, उनकी मौत की वजह बीमारी बताई जा रही है। वह यूक्रेन की विनित्सिया मेडिकल यूनिवर्सिटी के अस्पताल में भर्ती थे। ब्रेन स्ट्रोक की वजह से वह आईसीयू में एडमिट थे। इलाज के दौरान उनकी बुधवार को मौत हो गई। यूक्रेन में यह लगातार दूसरे भारतीय की मौत है। इससे पहले मंगलवार को कर्नाटक के रहने वाले नवीन की खारकीव में गोलीबारी के दौरान मौत हुई थी। 

इससे पहले मंगलवार को भी एक भारतीय छात्र की मौत हो गई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करके इसकी पुष्टि की थी। यूक्रेन पर रूस के हमले के छठे दिन मारा गया भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा कर्नाटक के हावेरी के चालागेरी का रहने वाला था। नवीन खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब वह अपने अपार्टमेंट से स्टेशन की ओर जा रहा था, तभी रूस के हमले की वजह से लगी आग की चपेट में आ गया। जिसके कारण उसकी मौत हो गई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी ट्वीट करके नवीन की मौत पर दुख जताया था। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नवीन की मौत से पहले आखिरी वीडियो कॉल का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह अपने परिजनों से बात कर रहा था। इस वीडियो में नवीन के परिजन उसे अपने अपार्टमेंट के ऊपर तिरंगा लगाने के लिए बोल रहे थे। मौत से पहले नवीन, इस आखिरी वीडियो कॉल में परिजनों की बात पर सहमति जताते दिख रहा था।

दरअसल, यूक्रेन के खारकीव में अब भी कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को बचाने की कोशिश जारी है। सरकार भारतीयों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा चला रही है। 26 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 2 हजार से ज्यादा भारतीयों को वापस लाया जा चुका है।

इस बीच केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे 20,000 भारतीयों में से 6,000 को अब तक देश वापस लाया जा चुका है और केंद्र बचे हुए लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 20,000 छात्र व नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए थे। उनमें से 4,000 को 24 फरवरी से पहले भारत वापस लाया गया था। इसके अलावा 2,000 छात्रों को मंगलवार तक भारत वापस लाया गया है।

सिंधिया ने बताया भारतीयों की निकासी का प्लान
इस बीच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि पूरे कार्य को 4 भागों में बांटा गया है, पहला यूक्रेन से हमारे सभी छात्रों को पड़ोसी देशों की सीमाओं पर लाना, दूसरा उन्हें सीमा पार कराना। तीसरा हिस्सा उन्हें पड़ोसी देश की सीमा से हवाई अड्डों के लिए पर लाना और चौथा उन्हें सुरक्षित भारत पहुंचाना। सिंधिया ने बताया कि बुधवार को बुखारेस्ट(रोमानिया) से भारत के लिए 6 उड़ानें हैं। लगभग 1300 छात्र भारत के लिए यहां से निकल रहे हैं।
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