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US-Russia: 'परमाणु हथियार के इस्तेमाल का खतरा', रूसी अफसर बोले- अमेरिकी नीति विनाशकारी, वैश्विक सुरक्षा पर असर

Wed, 08 Nov 2023 02:15 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

परमाणु हथियार के इस्तेमाल का खतरा बताते हुए रूस के बड़े सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिका और सहयोगियों को चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन ने रूस में तीन परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करने का प्रयास किया।
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रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पेत्रुशेव (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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रूस ने अमेरिका और इसके सहयोगियों को चेतावनी दी है। मामला परमाणु हथियारों से जुड़े खतरे का है। रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पेत्रुशेव ने बुधवार को चेतावनी दी कि पश्चिम की विनाशकारी नीति परमाणु, रासायनिक या जैविक हथियारों के उपयोग के जोखिम को बढ़ाती है।
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निकोलाई पेत्रुशेव ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन ने रूस में तीन परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करने का प्रयास किया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी पेत्रुशेव ने सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस के हवाले से कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका की विनाशकारी नीतियों का स्वाभाविक परिणाम वैश्विक सुरक्षा में गिरावट है।"

पेत्रुशेव ने कहा, "परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियारों के इस्तेमाल का खतरा बढ़ रहा है।" उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय हथियार नियंत्रण व्यवस्था को कमजोर कर दिया गया है।" उन्होंने कहा, "मोल्दोवा (यूरोपीय शहर) अपनी संप्रभुता खोने की राह पर है, और पश्चिमी उपनिवेशवाद का एक और शिकार बनने का जोखिम है।"
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सचिव पेत्रुशेव का बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि उन्होंने पुतिन के उस बयान के कुछ दिनों बाद ही परमाणु से जुड़े खतरे के प्रति आगाह किया है। पुतिन ने कहा था कि यूक्रेन को सप्लाई किए गए कुछ पश्चिमी हथियार अवैध हथियार बाजार के माध्यम से मध्य पूर्व में पहुंच रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, हथियार तालिबान को बेचे जा रहे हैं।

पुतिन ने कहा, अमेरिका सवाल करता है कि हथियार यूक्रेन से मध्य पूर्व में आ रहे हैं। हां, ऐसा इसलिए है क्योंकि वे बेचे जा रहे हैं। उन्हें तालिबान को बेचा जा रहा है और वहां से वे कहीं भी चले जाते हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन में रूस ने पिछले साल 24 फरवरी को सेना भेजी थी। पश्चिमी देशों पर रूसी सैनिकों को हराने के प्रयास में यूक्रेन को अरबों डॉलर के हथियार भेजने के आरोप लगे हैं।

यूक्रेन का कहना है कि वह उसे आपूर्ति किए गए हथियारों पर कड़ा नियंत्रण रखता है, लेकिन कुछ पश्चिमी सुरक्षा अधिकारियों ने चिंता जताई है। अमेरिका ने यूक्रेन से भ्रष्टाचार के व्यापक मुद्दे से निपटने के लिए और अधिक प्रयास करने को कहा है। बता दें कि जून 2022 में, इंटरपोल के महासचिव जुर्गन स्टॉक ने चेतावनी दी कि यूक्रेन भेजे गए कुछ हथियार संगठित अपराध समूहों के हाथों में जा सकते हैं।

मार्च में ग्लोबल इनिशिएटिव अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम द्वारा यूक्रेन युद्ध और अवैध हथियारों के व्यापार के बारे में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि "वर्तमान में यूक्रेनी संघर्ष क्षेत्र से हथियारों का कोई बड़ा प्रवाह नहीं हुआ है। दानदाताओं पर नज़र रखने वाले कील इंस्टीट्यूट फॉर द वर्ल्ड इकोनॉमी के अनुसार, अमेरिका के नेतृत्व में यूक्रेन के आठ सबसे बड़े पश्चिमी दानदाताओं ने यूक्रेन के लिए कम से कम 84 बिलियन यूरो (90 बिलियन डॉलर) की सैन्य प्रतिबद्धताएं की हैं।

बता दें कि अमेरिका ने यूक्रेन को जो सैन्य सहायता दी है, इसमें 160 155 मिमी हॉवित्जर, 109 ब्रैडली लड़ाकू वाहन, 111 मिलियन से अधिक राउंड छोटे हथियार गोला-बारूद और 38 उच्च गतिशीलता वाले तोपखाने रॉकेट सिस्टम शामिल हैं।
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