भारत के बिजली मंत्रालय के तहत आने वाले एनर्जी एक्सचेंज ने सोमवार को काठमांडो को इसकी अनुमति दी है। इसके लिए नेपाल की ओर लगातार पैरवी की गई थी। अब नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) अपनी अधिशेष बिजली को बेचने की स्थिति में है। पहले चरण में 39 मेगावॉट बिजली के इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में कारोबार की अनुमति दी गई है।
नेपाल पहली बार अपनी अधिशेष बिजली भारत को प्रतिस्पर्धी दरों पर बेचेगा। मीडिया द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली ने पड़ोसी देश को इंडियन पावर एक्सचेंज बाजार में अपनी बिजली के कारोबार की अनुमति दे दी है।
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भारत ने इंडियन पावर एक्सचेंज बाजार में नेपाल को दी कारोबार की अनुमति
रिपोर्ट के अनुसार भारत के बिजली मंत्रालय के तहत आने वाले एनर्जी एक्सचेंज ने सोमवार को काठमांडो को इसकी अनुमति दी है। इसके लिए नेपाल की ओर लगातार पैरवी की गई थी। अब नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) अपनी अधिशेष बिजली को बेचने की स्थिति में है।
पहले चरण में 39 मेगावॉट बिजली के इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में कारोबार की अनुमति दी गई है। इसमें से 24 मेगावॉट का उत्पादन एनईए के स्वामित्व वाली त्रिशुली पनबिजली परियोजना और 15 मेगावॉट का देवीघाट बिजली घर में हुआ है। रिपोर्ट में नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि भारत की मंजूरी के बाद दोनों देशों के बीच बिजली व्यापार के एक नए चरण में प्रवेश कर गया है।
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मंत्रालय के संयुक्त प्रवक्ता गोकर्ण राज पंथा ने कहा कि नेपाल विद्युत प्राधिकरण अब अपनी बिजली बेचने के लिए प्रतिदिन इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में नीलामी में भाग ले सकेगा। हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एनईए 400-केवी ढलकेबार-मुजफ्फरपुर इंटर-कंट्री ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से बिजली का निर्यात मध्यरात्रि से शुरू करेगा। इस ट्रांसमिशन का उपयोग अब तक केवल बिजली आयात करने के लिए किया गया है।