जानकारी के मुताबिक, अंतरिक्ष में मौजूद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर गुरुवार को कुछ ही घंटे पहले रूस का रिसर्च मॉड्यूल तैनात किया गया था। बताया जा रहा है कि उसने अचानक बैकफायर कर दिया, जिससे आईएसएस अपनी कक्षा से हट गया और करीब 45 मिनट तक नासा के नियंत्रण से बाहर रहा। उस वक्त स्पेस स्टेशन में सात क्रू मेंबर मौजूद थे, जो फिलहाल सुरक्षित हैं। इनमें दो रूसी, तीन अमेरिकी, एक जापानी और एक फ्रेंच एस्ट्रोनॉट शामिल हैं। मामले की जानकारी मिलते ही नासा में हड़कंप मच गया। स्पेस एजेंसी के नियंत्रण कक्ष में मौजूद फ्लाइट टीम ने कंट्रोल थ्रस्टर्स की मदद से स्टेशन को उसकी जगह पर पहुंच दिया।
जाचं में सामने आया है कि रूसी लैबोरेटरी मॉड्यूल नाउका में तकनीकी खामी की वजह से बैकफायर हुआ। दरअसल, उसके जेट थ्रस्टर्स खुद-ब-खुद चलने लगे, जिसके चलते इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के नियंत्रण से बाहर हो गया।
बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह घटना हुई, उसके कुछ ही देर बाद नासा की ओर से बोइंग सीएसटी-100 स्टारलाइनर कैप्सूल की लॉन्चिंग होनी थी। यह कैप्सूल भी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ने के लिए भेजा रहा रहा था, लेकिन हादसे के बाद लॉन्चिंग रोक दी गई। अब इस कैप्सूल की लॉन्चिंग तीन अगस्त को तय की गई है।