हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दो साल में दूसरी बार एमपॉक्स को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में बीमारी होने के बाद यह पड़ोसी देशों में फैल गई है।
एमपॉक्स संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। अफ्रीकी देश कांगो में तो इस बीमारी ने 16 हजार से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। जबकि 570 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कांगो सरकार ने अमेरिका और जापान से टीकों की मांग की है।
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लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में मंकी पॉक्स (एमपॉक्स) के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर कांबा ने कहा कि कुछ ही दिनों में संक्रमण के मामलों की संख्या 16 हजार से बढ़कर 16700 हो गई है। जबकि मौतों का आंकड़ा 548 से बढ़कर 570 से अधिक हो गया है। हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन से टीकाकरण बढ़ाने और महाद्वीप में आपातकाल के बारे में कहा है।
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दो साल में दूसरी बार एमपॉक्स को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में बीमारी होने के बाद यह पड़ोसी देशों में फैल गई है। बताया जाता है संक्रमण से निपटने के लिए अमेरिका ने कांगो को 50 हजार टीके देने के लिए कहा है। जबकि जापान ने सोमवार को बच्चों के लिए 35 लाख टीके देने पर सहमति जताई। स्वास्थ्य मंत्री कम्बा ने कहा कि अगले सप्ताह तक टीके आने लगेंगे। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए यह भी कहा कि टीका हर बीमारी से बचा सकता है। हमने योजना तैयार कर ली है। टीके आते ही अभियान तेज कर दिया जाएगा।
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WHO ने जारी की गाइडलाइन
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बीमारी से निपटने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि मंकी पॉक्स के प्रसार वाले इलाकों में टीकाकरण को लेकर रणनीति अपनाने की जरूरत है। संगठन ने एमपॉक्स के मामलों और इसके प्रसार की जांच करने के लिए भी कहा है। डब्ल्यूएचओ ने स्वास्थ्य विभाग को हर सप्ताह नए मामलों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। संगठन ने कहा कि एमपॉक्स पीड़ितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान, निगरानी और सहायता की जाए। देशों को एमपॉक्स संक्रमितों के लिए भोजन और अन्य सहायता मुहैया कराने के लिए तैयार रहने को कहा है।