रेडियो स्टेशन एनपीआर की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी घटनाओं की खबरें कैलिफॉर्निया, इलिनोइस, और न्यूयॉर्क राज्यों से भी मिली हैं। उत्तरी कैलिफॉर्निया में तो एक अभिभावक ने एक शिक्षक पर इतने जोर से प्रहार किया, उसे खून बहती अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पहले उस व्यक्ति ने मास्क के मुद्दे पर स्कूल के प्रिंसिपल पर हमला करने की कोशिश की। जब शिक्षक बचाव में आया, तो उसकी पिटाई कर दी गई। एमाडोर काउंटी यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट के अधीक्षक टोरी गिब्सन ने एक समाचार एजेंसी से कहा- ‘शिक्षकों के सामने कठिन चुनौती है। उन्हें अभिभावकों से उलझना पड़ रहा है, जबकि ऐसा वे बिल्कुल नहीं करना चाहते।’
कंसास राज्य में दो से 12 वर्ष के बच्चों के लिए भी स्कूल में मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है। वहां डगलस काउंटी में इस निर्देश के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने इस आदेश तालिबानी बताया। वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की खबर के मुताबिक इन घटनाओं से पहले अमेरिका में कई जगहों पर स्कूल बोर्ड की बैठकों में मास्क पहनना अनिवार्य करने के सवाल पर कड़वाहट की हद तक बहस हुई थी। नेवादा और पेन्सिल्वेनिया राज्यों में पिछले महीने इस मुद्दे पर बहस इस हद तक झगड़े में तब्दील हो गई कि पुलिस को बुलाना पड़ा। उसके पहले जुलाई में उटाह राज्य में स्कूल बोर्ड की एक मीटिंग के समय अभिभावकों का एक दल पहुंच गया था, जिसने वहां तोड़फोड़ की।
विश्लेषकों ने कहा है कि मास्क और वैक्सीन की अनिवार्यता जैसे मुद्दे अमेरिका राजनीतिक टकराव का बड़ा मसला बन चुके हैं। देश में कोविड-19 महामारी की नई लहर आने से भी इस माहौल पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।