भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान दौरे का आज दूसरा दिन है। विदेश मंत्री ने आज सुबह पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग में सुबह की सैर का आनंद लिया। साथ ही 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत उच्चायोग में पेड़ भी लगाया। गौरतलब है कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक आज जिन्ना कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रही है, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सभी सदस्य देशों के नेताओं का स्वागत किया। इसके बाद सभी नेताओं की ग्रुप फोटो ली गई और बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री संबोधन की शुरुआत करेंगे।
एससीओ बैठक के दौरान विभिन्न नेताओं के संबोधन के बाद कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार और एससीओ के महासचिव झांग मिंग मीडिया से बात कर सकते हैं। इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सभी मेहमानों के सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, एससीओ की बैठक में आर्थिक सहयोग, व्यापार, पर्यावरण के मुद्दों और सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री एस जयशंकर कर रहे हैं। हालांकि बैठक से इतर भारत पाकिस्तान के बीच कोई भी द्विपक्षीय वार्ता नहीं होगी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर कहा, एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद की एक उत्पादक बैठक आज इस्लामाबाद में संपन्न हुई। आठ परिणाम दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए। भारत ने विचार-विमर्श में सकारात्मक और रचनात्मक योगदान दिया।
भारतीय दृष्टिकोण से आठ प्रमुख बिंदु-
- 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के विचार पर संवाद बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- भारत द्वारा शुरू किए गए एससीओ स्टार्टअप फोरम और पारंपरिक चिकित्सा की पहलों का सदस्य देशों ने स्वागत किया।
- डिजिटल समावेशन और डाटा प्रबंधन को एससीओ ढांचे का हिस्सा बनाने पर चर्चा हुई।
- एससीओ ने संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (यूएनएसडीजी) को हासिल करने के लिए मिशन लाइफ से प्रेरणा लेने की बात कही।
- जलवायु-प्रतिरोधी और पोष्टिक अनाज जैसे कि बाजरा, के उपयोग को बढ़ावा देकर वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण में सुधार करने पर जोर दिया गया।
- अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और एससीओ चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुसार संपर्क परियोजनाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के केंद्र में एक नियम आधारित, गैर-भेदभावपूर्ण, खुली, निष्पक्ष, समावेशी और पारदर्शी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की पुष्टि की गई।
- वैश्विक सतत विकास में बाधा डालने वाले संरक्षणवादी कदमों और व्यापार प्रतिबंधों का विरोध किया गया।
भारत ने रूस को भी शुभकामनाएं दी हैं, क्योंकि वह एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है।