इससे पहले, यूएई में बन रहे पहले हिंदू मंदिर की फाइनल डिजाइन की पहली बार छवियां जारी की गईं थीं। तस्वीरें देखकर पता चला कि भारत के हिंदू महाकाव्यों, धर्मग्रंथों और प्राचीन कथाओं के दृश्य अबू धाबी में बन रहे पहले हिंदू मंदिर के राजसी पत्थर के अग्रभाग को सुशोभित करेंगे। अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर निर्माण प्रबंधन समिति ने पारंपरिक पत्थर के मंदिर के फाइनल डिजाइन और हाथ से नक्काशीदार पत्थर के स्तंभों की पहली छवियां जारी कीं थीं। प्रबंधन ने मंदिर के अंतिम डिजाइन के दृश्यों का एक वीडियो भी जारी किया, जिसे देखकर पता चला कि मंदिर की इमारत बेहद ही भव्य और शानदार होगी।
बता दें कि पिछले साल अप्रैल में अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी गई थी और दिसंबर से काम शुरू हुआ था। मंदिर प्रबंधन के एक प्रवक्ता अशोक ने बताया कि मास्टर प्लान के डिजाइन को 2020 की शुरुआत में पूरा किया गया था। ऐतिहासिक मंदिर का काम समुदाय के समर्थन, भारत और यूएई के नेतृत्व से आगे बढ़ रहा है।
हिंदू मंदिर अबू धाबी में 'अल वाकबा' नाम की जगह पर 20,000 वर्ग मीटर की जमीन पर बन रहा है। हाइवे से सटा अल वाकबा अबू धाबी से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है। मंदिर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पत्थर की नक्काशी के माध्यम से प्रामाणिक प्राचीन कला और वास्तुकला को पुनर्जीवित किया जाएगा।
बता दें कि यूएई सरकार ने अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए 20,000 वर्ग मीटर जमीन दी थी। यूएई सरकार ने साल 2015 में उस वक्त इसकी घोषणा की थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर वहां गए थे। पीएम मोदी ने 2018 में दुबई के दौरे पर वहां के ओपेरा हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था ने मंदिर की आधारशिला रखी थी।