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Pakistan: 'जेल में परेशानी हो रही है तो...', शहबाज शरीफ ने अपने प्रतिद्वंद्वी इमरान खान की ओर बढ़ाया हाथ

Wed, 26 Jun 2024 08:07 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan: शहबाज शरीफ ने नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर पीटीआई संस्थापक को जेल में परेशानी हो रही है, तो मैं इस बात को दोहराता हूं कि आइए बैठकर बात करते हैं। हम देश को आगे ले जाने के लिए एक साथ बैठें। हमें देश की बेहतरी के लिए बात करनी चाहिए।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इमरान की ओर हाथ बढ़ाया और कहा कि अगर उन्हें जेल में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वह उनके साथ बातचीत कर सकते हैं। पीटीआई पार्टी के संस्थापक खान अप्रैल 2022 में सत्ता से बाहर हो गए थे। पिछले साल अगस्त से वह जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ 200 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। जिनमें से कुछ में उन्हें दोषी ठहराया गया था। 

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शरीफ ने नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए कहा, अगर उनके (पीटीआई) संस्थापक को जेल में परेशानी हो रही है, तो मैं इस बात को दोहराता हूं कि आइए बैठकर बात करते हैं। हम देश को आगे ले जाने के लिए एक साथ बैठें। हमें देश की बेहतरी के लिए बात करनी चाहिए। आगे बढ़ने का और कोई रास्ता नहीं है। 


नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बीच वर्षों से टकराव चल रहा है। आठ फरवरी को देश में आम चुनाव हुए। खान की पार्टी का दावा है कि इनमें उसने जीत हासिल की है। 
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2018 के आम चुनाव में खान की पार्टी की जीत पर टिप्पणी करते हुए शरीफ ने कहा, हम चुनावों में धांधली के बावजूद संसद में शामिल हुए। मेरे पहले भाषण में जिस तरह के नारे लगाए गए थे, उन्हें इतिहास की किताबों में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। जिओ न्यूज ने शरीफ के हवाले से कहा, अघर किसी के साथ अन्याय हो रहा है, तो मेरा मानना है कि न्याय का तराजू पीड़ित लोगों के पक्ष में होना चाहिए। इसमें कोई मतभेद नहीं है। 

शरीप ने अफसोस जताया कि जब वह विपक्ष में थे, तब उन्होंने एक बार खान को बातचीत के लिए साथ बैठने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन फिरे से ऐसे नारे लगाए गए। तो (राजनेताओं के बीच) इस कड़वाहट का जिम्मेदार कौन है। हम अब हाथ भी नहीं मिलाते। 
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