फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kohinoor In Britain : महारानी के ताज में जड़े कोहिनूर ही नहीं... कई अन्य कीमती वस्तुओं का भी इंतजार

Sun, 11 Sep 2022 06:21 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, लंदन।

सार

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद दुनियाभर में सबसे ज्यादा दिलचस्पी उनके बेशकीमती ताज और मुकुटों के वारिस को लेकर देखी जा रही है। महारानी के पास बेहद महंगे गहने-नगीनों का उत्कृष्ट संग्रह था, जिसमें शामिल कुछ ताज और गहने टावर ऑफ लंदन में प्रदर्शित हैं।
विज्ञापन
Queen Elizabeth II
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के साथ भारत में कोहिनूर को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे भारत को लौटाने की मांग शुरू कर दी है। लेकिन कोहिनूर ही इकलौता बेशकीमती नगीना नहीं है, जिसे अंग्रेज अपने साथ ले गए। आइये जानते हैं और क्या-क्या लेकर गए अंग्रेज...

विज्ञापन


टीपू सुल्तान की अंगूठी
अंग्रेजों ने 1799 की जंग में शहीद हुए टीपू सुल्तान के शव से यह अंगूठी चुराई। माना जाता है कि इसे ब्रिटेन में एक नीलामी में अज्ञात खरीदार को 1.45 लाख ब्रिटिश पाउंड (आज करीब 134 करोड़ रुपये) में बेच दिया गया।

ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका डायमंड
विश्व के सबसे बड़े और 530 कैरेट वजनी हीरे की कीमत 3,200 करोड़ रुपये आंकी जाती है। 1905 में दक्षिण अफ्रीकी खदान मिला। इसे एडवर्ड सप्तम को तोहफे में देने का दावा है लेकिन कई इतिहासकारों के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार चुराकर या लूट कर इसे ले गई। ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका रानी के राजदंड में जड़ा है।

विज्ञापन

2218 साल पुराना रोसेटा स्टोन
मिस्र के पुरातत्ववेत्ता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि उनका रोसेटा स्टोन ब्रिटेन लौटाए। यह ब्रिटिश म्यूजियम में रखा है। कहते हैं कि इसे भी अंग्रेजों ने लूटा था। यह 196 ईसापूर्व यानी करीब 2218 साल पुराना माना जाता है। 18वीं शताब्दी में फ्रांस से एक युद्ध जीतने के बाद अंग्रेजों ने इसे अपने कब्जे में लिया था।

एल्जिन मार्बल
1803 में लॉर्ड एल्जिन ने इसे ग्रीस की पार्थियन साम्राज्य की एक खंडित होती दीवार से निकाल कर लंदन भेजा था। इसी से मार्बल को नाम दिया। ग्रीस इसे वापस लौटाने के लिए 1925 से ब्रिटेन को कह रहा है, हालांकि इसे आज भी ब्रिटिश संग्रहालय में रखा गया है।
विज्ञापन

ताज-मुकुटों का वारिस कौन बनेगा
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद दुनियाभर में सबसे ज्यादा दिलचस्पी उनके बेशकीमती ताज और मुकुटों के वारिस को लेकर देखी जा रही है। महारानी के पास बेहद महंगे गहने-नगीनों का उत्कृष्ट संग्रह था, जिसमें शामिल कुछ ताज और गहने टावर ऑफ लंदन में प्रदर्शित हैं। वहीं, उनके निजी संग्रह में भी करीब 50 बेशकीमती निजी मुकुट भी शामिल हैं।

गहनों के शाही संग्रह को मोटे तौर पर दो हिस्सों में बांटा गया है। इनमें से वह गहने हैं, जो सम्राट पद पर रहते अपने ट्रस्ट में रखता है। दूसरा, महारानी के निजी गहने, जो उन्हें विरासत में व परिवार से मिले या उन्होंने खुद खरीदे। सैद्धांतिक रूप से एलिजाबेथ द्वितीय अपना निजी संग्रह किसी को दे सकती हैं।

लेकिन राजा चार्ल्स तृतीय की पत्नी कैमिला पार्कर बाउल्स अब क्वीन कंसोर्ट होंगी तो इस नाते यह उनके हिस्से आ सकता है। वहीं, शाही परिवार की बहू केट मिडलटन को भी निजी मुकुट मिल सकते हैं। जहां तक कोहिनूर हीरे से सजे ताज की बात है तो यह क्वीन कंसोर्ट को ही मिलने की संभावना है।

दस लाख से ज्यादा कीमती वस्तुएं
न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, द रॉयल कलेक्शन में ब्रिटिश राजघराने की ढेरों कलाकृतियां व महारानी के बेशकीमती गहने भी हैं। इस संग्रह में दस लाख से भी ज्यादा वस्तुएं हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें