सोमवार को जारी ताजा आदेश के बाद हांगकांग में अलीबाबा ग्रुप के शेयरों के भाव में 5.9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई। इसका असर हांगकांग शेयर बाजार के सूचकांक हांग सेंग पर भी पड़ा, जिसमें 3.4 फीसदी की गिरावट आई। एंट ग्रुप का विनियामक संस्थाओं से टकराव एक दूसरे मुद्दे पर भी चल रहा है। पिछले दिनों खबर आई थी कि शुरुआती इनकार के बाद कंपनी अपने एक नए साझा उद्यम में सरकारी कंपनी झेजियांग टूरिज्म इन्वेस्टमेंट ग्रुप को आधी से ज्यादा हिस्सेदारी देने पर सहमत हो गई है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये सहमति बनी थी कि जैक मा की टीम ही नए साझा उद्यम के सर्वोच्च पदों पर होगी। लेकिन निर्णय में उसे सरकारी कंपनी की राय लेनी होगी। विवाद की स्थिति में सरकारी कंपनी की राय निर्णायक होगी।
जैक मा को चीन का सबसे धनी व्यक्ति माना जाता है। पिछले साल तक चीन में उन्हें एक आईकॉन समझा जाता था। लेकिन उसके बाद चीन सरकार की कार्रवाई शुरू हो गई। इसकी शुरुआत एंट ग्रुप से ही हुई। उसके बाद बड़ी टेक और कई दूसरे क्षेत्रों की कंपनियां भी निशाने पर आई हैं। इससे चीन के शेयर बाजार में उन कंपनियों के मूल्य में खरबों डॉलर की गिरावट आई है। उसी सिलसिले में अब अली-पे भी निशाने पर आ गया है।