फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास पर हो रहे ताबड़तोड़ हमले के बीच में उसने एक और खतरनाक प्लान तैयार किया है। दुनिया भर की अलग-अलग इंटेलिजेंस एजेंसियों की ओर से जुटाए गए इनपुट के मुताबिक हमास ने "फ्राइडे प्लान" तैयार किया है। इस प्लान के तहत आतंकी संगठन ने दुनिया भर के सभी मुस्लिम देशों और फलस्तीन से बाहर रहे प्रवासियों को आने वाले शुक्रवार के लिए एक बहुत बड़ा और खतरनाक टास्क दे दिया है। जानकारी के मुताबिक सभी मुस्लिम देश और अपने समर्थकों को फलस्तीन की सीमा की ओर कूच करने का खतरनाक रोड मैप तैयार करके भेजा है। अब खतरा इस बात का है कि हमास की ओर से जारी किए गए इस खतरनाक रोड मैप का फलस्तीन से लेकर दुनिया के अलग-अलग मुस्लिम देशों में शुक्रवार को क्या असर दिखने वाला है। फिलहाल हमास की ओर से तैयार किए गए इस खतरनाक प्लान के बाद दुनिया के प्रमुख देशों में न सिर्फ अलर्ट जारी हो गया है। बल्कि सभी ताकतवर देश की खुफिया एजेंसियों की टीमों ने आने वाले शुक्रवार को बड़े खतरे को निपटने की तैयारी में जुट गई हैं।
जानकारी के मुताबिक फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने अगले शुक्रवार के लिए इस्राइल के विरोध में बड़ी खतरनाक तैयारी को अंजाम देने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसकी जानकारी खुद हमास ने दुनिया भर के अलग-अलग मुस्लिम देश को अपने सहयोगी और मित्र मुस्लिम देशों के माध्यम से भिजवाई है। समाज ने तय योजना के तहत अब और इस्लामी दुनिया के सभी लोगों को लामबंद होने के लिए शुक्रवार को जाने वाली नमाज से पहले और उसके बाद अपने देश की सीमा की ओर प्रस्थान करने के लिए कहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अपनी रणनीति के तहत सबसे पहले हमास ने उन मुस्लिम मुल्कों से फलस्तीन की सीमाओं की ओर आने के लिए कहा है जिनकी सीमाएं उनके मित्र देशों के साथ मिलती हैं। इस दौरान संदेश हमास की ओर से यह भी दिया गया है जो लोग सीमा पर नहीं पहुंच सकते हैं वह लोग अपने-अपने देश में ही जुम्मे की नमाज के दौरान राजनीति के मुताबिक आगे की योजना पर काम करेंगे।
हमास की ओर से तैयार की जाने वाली इस योजना को दुनिया की सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों ने डिकोड किया है। सूत्रों का कहना है कि जिस तरीके की अपील हमास ने की है वह बहुत ही बड़े स्तर की है। इसके तहत कई तरह की खतरनाक योजनाओं को भी अंजाम दिया जा सकता है। इसमें फलस्तीन के बॉर्डर से दक्षिणी इस्राइल और उत्तरी इस्राइल के इलाकों से एक बार फिर से इस्राइल को घेरने की कोशिश में है। इसके अलावा हमास ने अपनी खतरनाक योजना में इसको भी शामिल किया है कि जो देश फलस्तीन का समर्थन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ भी योजनाबद्ध तरीके से हमले करके घेरा जाए।
हमास की ओर से जारी किए गए इस आदेश के बाद दुनिया भर की तमाम खुफिया एजेंसियां अब आने वाले शुक्रवार से पहले की उन तैयारी को टारगेट कर निष्क्रिय करने में लग गई है जिसकी वजह से दुनिया में अशांति होने की संभावना बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक जिन देशों को हमास ने इस तरीके के संदेश के माध्यम से फलस्तीन की सीमा पर आने के लिए कहा था वहां पर होने वाली हलचल को भी अब दुनिया भर की प्रमुख खुफिया एजेंसियां मॉनिटर कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक हमास को अपने ऊपर हो रहे लगातार हमले के बीच में मुस्लिम देशों से समर्थन की उम्मीद बन रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव के चलते कुछ मुल्कों को छोड़ दिया जाए तो खुलकर कोई भी हमास का समर्थन नहीं कर पा रहा है।
रक्षा मामलों की जानकार और लंबे समय तक पश्चिम एशिया का मॉनिटर करने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल के. हनुमंत राय कहते हैं कि यह बात बिल्कुल तय है कि हम आज ने हमला करके सबसे बड़ी मुसीबत मोर ले ली है। जब लगातार इस्राइल उन पर बमबारी करके हमला कर रहा है तो हमस मुस्लिम देशों को अपनी शील्ड के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है। लेफ्टिनेंट कर्नल राय कहते हैं कि इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि कुछ मुस्लिम देश हमास को न सिर्फ पाल पोस कर बड़ा कर रहे थे बल्कि उसको इस्राइल के ऊपर किए गए इतने बड़े हमले के लिए तैयार भी कर रहे थे। लेकिन जिस तरीके से इसका असर समूचे विश्व में बड़े ताकतवर मुल्कों के समर्थन के साथ इस्राइल को मिलना शुरू हुआ है उसे अब हमास और उसके समर्थन वाले देशों की हालत भी खराब हो रही है। ऐसे में हमास समर्थक देश मुस्लिम देशों को एकजुट करके बड़ी लामबंदी करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।