इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच गाजा में स्थिति गंभीर बनी हुई है। गाजा के बड़े बड़े अस्पतालों ने काम करना बंद कर दिया है। गाजा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यूरोपिय संघ के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के उच्च प्रतिनिधि जेसोफ बोरेल ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले में एक बयान देते हुए कहावह गाजा में गहराते मानवीय संकट के बारे में गंभीर रूप से चिंतित हैं।
जेसोफ बोरेल ने कहा, 'ईयू युद्ध में तत्काल रोक लगाने और मानवीय गलियारों की स्थापना के आह्वान में शामिल हो गया है। इस गलियारे में सीमा पार क्षमता में वृद्धि और समुद्री मार्ग शामिल है, जिससे की गाजावासियों तक जरूरत का सामान पहुंच सके।'
ईयू ने की हमास की निंदा
ईयू ने अस्पतालों और नागरिकों को सुरक्षा ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए हमास की निंदा की है। उन्होंने हमास संगठन को जल्द बंधक बनाए गए नागरिकों को रिहा करने के लिए भी कहा है। यूरोपियन संघ ने अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुरूप इस्राइल के अपने रक्षा करने के अधिकार का फिर से एक बार समर्थन किया है।
बोरेल ने कहा, 'ईयू मानवतावादी जरूरतों के लिए सभी आवश्यक वस्तुओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर तेज प्रयास कर रहा है।' उन्होंने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सा आपूर्ति प्रदान की जानी चाहिए और जिन मरीजों को तत्काल चिकित्सा की जरूरत है, उन्हें सुरक्षित रूप से युद्धग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकाला जाना चाहिए।
इस्राइल सुरक्षा बलों ने कहा कि तत्काल चिकित्सा के उद्देश्य से गाजा के अल-शिफा अस्पताल को 300 लीटर ईंधन प्रदान किया है। उन्होंने यह भी बताया कि हमास ने अस्पतालों को इसे लेने से मना कर दिया। आईडीएफ ने जानकारी दी कि गाजा पट्टी में लड़ते हुए दो और सैनिकों की मौत हो गई। इसी के साथ गाजा पट्टी में जमीनी ऑपरेशन के तहत हमास के खिलाफ लड़ते हुए अबतक 44 सैनिक मारे जा चुके हैं।