Pakistan: पीटीआई के पांच सीनेटर्स ने सोमवार को याचिका दायर की थी और दावा किया था कि खैबर पख्तूनख्वा में संसद के ऊपरी सदन के लिए चुनाव न होने के कारण सीनेट अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कराना असंवैधानिक होगा।
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी को सोमवार इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से झटका लगा है। दरअसल, अदालत ने सीनेट के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी की पीटीआई की याचिका खारिज कर दी है।
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पांच सीनेटर्स ने सोमवार को याचिका दायर की और दावा किया कि खैबर पख्तूनख्वा में संसद के ऊपरी सदन के लिए चुनाव न होने के कारण सीनेट अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कराना असंवैधानिक होगा। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पीटीआई के वकील शोएब शाहीन ने कहा कि मंगलवार को होने वाले चुनाव अगर ईद के बाद कराए जाएं तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि अगर ईद के बाद चुनाव होते हैं तो क्या गलता हो सकता है?
मुख्य न्यायाधीश ने दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा, जिसे बाद में घोषित किया जाना था। हालांकि, बाद में उन्होंने चुनाव में देरी करने की याचिका खारिज कर दी।
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इस बीच, पीटीआई ने सीने के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पार्टी के चुनाव जीतने की कोई संभावना नहीं है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) से ताल्लुक रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी सत्तारूढ़ गठबंधन के साझा उम्मीदवार हैं और उनके सीनेट अध्यक्ष बनने की अधिक संभावना है।
इससे पहले पीटीआई ने याचिका में खैबर पख्तूनख्वा की सीनेट की सीटों के लिए चुनाव होने तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को स्थगित करने की मांग की थी। पार्टी ने सीनेट सचिव को पत्र लिखा था। इस पत्र के जरिए उच्च सदन के सभापति और उप सभापति के चुनाव में भाग लेने के वैध अधिकार कथित तौर पर उसे वंचित किए जाने को लेकर चिंता जताई थी।