सिंगापुर में भारतीय मूल के एक 22 वर्षीय युवक को एक अन्य व्यक्ति से गलत तरीके से लाभ कमाने के दोष में 21 महीने के लिए परिवीक्षा (प्रोबेशन) की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही अच्छा व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए युवक के माता-पिता से पांच हजार डॉलर का बॉन्ड भी भरवाया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने दि स्ट्रेट टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के हवाले से यह खबर दी।
सजा के तहत 21 महीने तक पिल्लै को रोज रात 10 से सुबह छह बजे तक घर के अंदर ही रहना होगा। इसके साथ ही उसे 60 घंटे की सामुदायिक सेवा भी करनी होगी।
रिपोर्ट के अनुसार कृष्ण पिल्लै गणेशन पिल्लै ने गलत तरीके से पैसे कमाने के लिए एक व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारियां हासिल करने में एक कथित सहयोगी की सहायता की थी। इस काम के लिए उसने अपने एक और दोस्त रूफस राकेश कुमार कलइसेल्वन (19) को भी काम पर रखा था।
77 वर्षीय एक व्यक्ति ने अदालत को बताया कि उसके पास एक अज्ञात नंबर से एक फोनकॉल आई थी। फोन करने वाले ने मदद करने के नाम पर उनके बैंक क्रेडिट कार्ड की जानकारियां और ओटीपी उनसे हासिल कर ली। बाद में उन्हें पता चला कि किसी ने उनके कार्ड से 15 बार पैसे निकाले हैं। शख्स को कुल 35,350 डॉलर (करीब 26 लाख 10 हजार 231 रुपये) का चूना लगा।
अधिकारियों ने मामले की जांच की और फोन नंबर को ट्रेस करके वह पिल्लै, रूफस, इमैनुएल, रविवर्धन और महेंद्र तक पहुंचे।
पिछले महीने पिल्लै ने अपना अपराध कबूल किया था। इसके साथ ही उसने ने यह भी स्वीकार किया था कि उसने और इमैनुएल रेमंड नामक एक व्यक्ति को एक लोक सेवक को गलत जानकारी देने का भी निर्देश दिया था। रूफस ने 17 सितंबर को अपराध स्वीकार कर लिया था। रिपोर्ट के अनुसार उसे 25 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।
वहीं, 19 वर्षीय रेमंड ने अप्रैल में एक लोक सेवक को गलत जानकारी देने का अपराध कबूल किया था। उसे बाद में नौ महीने की परिवीक्षा की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में शामिल दो लोगों रविवर्धन (20) और महेंद्र सक्करवर्ती समराज अशोकन (34) के खिलाफ मामले अभी लंबित हैं।