पीएम मोदी और भूटान के राजा एक साथ; भारत भूटान द्विपक्षीय संबंध और मजबूत बने
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान दौरा ऐतिहासिक रहा। पीएम मोदी ने भूटान से विदा होते समय अपने एक्स हैंडल पर वहां हुई मेजबानी के लिए आभार प्रकट किया। पीएम मोदी ने शनिवार को भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा का समापन करते हुए कहा, भूटान के विकास में भारत लगातार योगदान करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भूटान के राजा, प्रधानमंत्री और भूटान के अन्य प्रतिष्ठित लोगों से मिलने का अवसर मिलना यादगार रहा। दोनों देशों के संबंध और मजबूत बनेंगे। बता दें कि भारत ने भूटान को अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का एलान किया है।
भूटान के राजा ने खुद पीएम मोदी को विदा किया; राजधानी में अस्पताल की सौगात
बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है। उनके प्रति विशेष भाव का इजहार करते हुए भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ-साथ प्रधानमंत्री टोबगे भी पीएम मोदी को विदा करने के लिए पारो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। गौरतलब है कि भूटान से वापस लौटने से पहले पीएम मोदी ने शनिवार सुबह अपने भूटानी समकक्ष शेरिंग टोबहे के साथ राजधानी थिम्पू में भारत की सहायता से निर्मित महिलाओं और बच्चों के लिए एक आधुनिक अस्पताल का उद्घाटन किया।
भारत हमेशा भूटान के साथ; सर्वोच्च नागरिक सम्मान के आभारी
भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैं ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित करने के लिए भूटान की सरकार के आभारी हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं भूटान के अद्भुत लोगों को उनकी गर्मजोशी और आतिथ्य के लिए बहुत आभारी हूं। भारत हमेशा भूटान के लिए एक विश्वसनीय मित्र और भागीदार बना रहेगा।'
प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में क्या बोले भूटानी पीएम टोबगे
भूटान के प्रधान मंत्री टोबगे ने एक्स पर पोस्ट किया, न तो पीएम मोदी का व्यस्त कार्यक्रम और न ही खराब मौसम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भूटान आने और उनसे मिलने के अपने वादे को पूरा करने से रोक सका। उन्होंने प्रधानमंत्री के दौरे को भाजपा और पीएम मोदी के नारे- हैशटैग #मोदीकागारंटी जैसी घटना करार दिया।
दोनों देखों के बीच कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान
गौरतलब है कि पीएम मोदी के दौरे के दौरान दोनों देशों ने कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष और कृषि के क्षेत्र में समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों के बीच रेल संपर्क स्थापित करने से जुड़े समझौता ज्ञापन को भी अंतिम रूप दिया गया।