कनाडा और भारत के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया मोड़ आया है। एक तरफ जहां कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर मढ़ रहे हैं। वहीं, अब एक स्वतंत्र ब्लॉगर जेनिपर जेंग ने इसे लेकर नया दावा किया है। उन्होंने खालिस्तानी समर्थक की हत्या के पीछे चीन का हाथ बताया है।
पश्चिम और भारत के बीच कलह पैदा करना मकसद
जून में हुई थी हत्या
यह थी पूरी चाल
लाओ ने बताया कि इस साल जून महीने में चीन की ओर से एक उच्च अधिकारी को 'इग्निशन प्लान' का हिस्सा बनाकर सिएटल भेजा गया था। वहां एक गुप्त बैठक आयोजित की गई थी। चीन का उद्देश्य भारत और पश्चिमी देशों के रिश्तों को खराब करना था। उन्होंने दावा किया कि एजेंट्स को कनाडा में सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने का काम सौंपा गया था। बैठक के बाद सीसीपी एजेंटों ने सावधानीपूर्वक हत्या की योजना को अंजाम दिया।
ऐसे मिटाए सबूत
ब्लॉगर ने आरोप लगाया कि 18 जून को साइलेंट बंदूकों से लैस एजेंटों ने निज्जर को ट्रैक किया। जब काम पूरा हो गया तो उन्होंने सबूत को मिटाने के लिए निज्जर की कार में लगे डैश कैमरे को नष्ट कर दिया। बाद में ये एजेंट भाग गए। इतना ही नहीं इन लोगों ने सभी निशानों को नष्ट करने के लिए अपने हथियार को भी जला दिए और अगले दिन कनाडा छोड़कर चले गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हत्यारों ने जानबूझकर भारतीय उच्चारण वाली अंग्रेजी भी सीखी थी।
फिलहाल, जेनिफर जेंग के आरोपों पर चीनी विदेश मंत्रालय या विदेश मंत्रालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।