यूरोप में कोविड-19 संक्रमण के फिर से फैलने की रफ्तार तेज होती जा रही है। कई देशों में इसकी गति काफी तेज है। देखा यह गया है कि जिन देशों में टीकाकरण की रफ्तार धीमी है, वहां ये समस्या ज्यादा गंभीर है। लेकिन संक्रमण के नए मामले उन देशों में भी देखने को मिले हैं, जहां टीकाकरण की दर संतोषजनक मानी जाती है। संक्रमण बढ़ने के ताजा ट्रेंड से पूरे महाद्वीप में महामारी के फिर से लौटने की आशंका गहरी हो गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय महामारी की सबसे गंभीर सूरत यूरोप में ही दिख रही है। दूसरे महाद्वीपों में इस समय नए संक्रमण के मामलों में गिरावट का दौर है। जबकि यूरोप के सबसे बड़े दस में से छह देशों में स्थिति गंभीर होती नजर आ रही हैं। पूर्वी यूरोप के देशों में हालत ज्यादा खराब है। चेक रिपब्लिक, सैन मैरिनो, हंगरी और पोलैंड में अक्तूबर मध्य के बाद से नए संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूर्वी यूरोप के कई देशों में टीकाकरण की रफ्तार धीमी रही है। जबकि पश्चिम यूरोप में मोटे तौर पर टीकाकरण की दर संतोषजनक है। पुर्तगाल, स्पेन, आइसलैंड, फ्रांस और आयरलैंड ऐसे देश हैं, जहां 70 फीसदी से अधिक आबादी को कोरोना वैक्सीन का एक से कम एक डोज लग चुका है। लेकिन बुल्गारिया, यूक्रेन और बेलारुस में अभी 30 फीसदी लोग भी ऐसे नहीं हैं, जिन्हें टीके का एक डोज लगा हो।
अमेरिकी टीवी चैनल एनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक टीकाकरण के लिहाज से यूरोप अमेरिका से काफी पिछड़ा हुआ है। अमेरिका की कुल आबादी में 67 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है। यूरोप में सबसे ऊंची दर पुर्तगाल में है, जहां 87 फीसदी आबादी को एक डोज लग चुका है।