इमरान का संदेश देते हुए बैरिस्टर राजा ने कहा कि '1970 में तत्कालीन सेना प्रमुख याहया खान चाहते थे कि किसी भी पार्टी को बहुमत न मिले, लेकिन जब शेख मुजीबुर रहमान की पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला तो सेना ने बहुमत छीन लिया क्योंकि याहया खान को राष्ट्रपति बनना था।'
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने चेतावनी दी है कि देश में जो मौजूदा हालात हैं, उनसे एक बार फिर ढाका जैसी त्रासदी हो सकती है। इमरान खान ने साल 1971 के हालात की मौजूदा हालात से तुलना की और कहा कि देश आर्थिक तौर पर तबाही के कगार पर पहुंच सकता है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के चीफ इमरान खान ने रावलपिंडी की अडियाला जेल से देशवासियों और पार्टी समर्थकों के लिए संदेश जारी किया।
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इमरान बोले- लंदन प्लान से थोपी गई सरकार
अपने संदेश में इमरान खान ने कहा कि कोई भी देश या संस्थान बिना आर्थिक स्थिरता के नहीं चल सकता। पीटीआई के मुख्य सूचना सचिव रऊफ हसन ने मीडिया से बात करते हुए इमरान खान के संदेश की जानकारी दी। वहीं पार्टी के नेता बैरिस्टर राजा ने बताया कि इमरान खान अभी भी देश के लिए समर्पित हैं, लेकिन देशवासियों के लिए चिंतित भी हैं। राजा ने बताया कि इमरान खान ने कहा कि जब लोगों को अधिकार दिए जाएंगे, तभी अर्थव्यवस्था विकास करेगी।
इमरान का संदेश देते हुए बैरिस्टर राजा ने कहा कि '1970 में तत्कालीन सेना प्रमुख याहया खान चाहते थे कि किसी भी पार्टी को बहुमत न मिले, लेकिन जब शेख मुजीबुर रहमान की पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला तो सेना ने बहुमत छीन लिया क्योंकि याहया खान को राष्ट्रपति बनना था।' हमुदूर रहमान आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इमरान खान ने कहा कि 'हम फिर से वही गलती कर रहे हैं। 1970 में भी लंदन प्लान था और अब एक बार फिर लंदन प्लान के तहत सरकार थोप दी गई है।' इमरान खान और उनकी पार्टी लगातार दावा कर रही है कि 8 फरवरी को हुए आम चुनाव में धांधली हुई और जनादेश की चोरी की गई। पीटीआई ने इसके आरोप पाकिस्तानी सेना पर लगाए हैं। हालांकि इसके बावजूद पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने नेशनल असेंबली में सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की।