पाकिस्तान के पूर्व प्रधानंमत्री इमरान खान ने एक महिला न्यायाधीश के खिलाफ अपने विवादास्पद बयान पर बुधवार को खेद जताते हुए माफी मांगी। उन्होंने एक पूरक जवाब में कहा कि उन्होंने अनजाने में ऐसा बोल दिया था। खान ने कहा कि उनका इरादा कभी भी महिला जज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था और अगर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो इसका गहरा खेद है। वहीं दूसरी ओर मनी लांड्रिंग के मामले में पाकिस्तान के वर्तमान पीएम शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा अंसारी ने याचिका दायर की है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने जताया खेद
महिला जज के खिलाफ विवादित टिप्पणी पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि उनका तात्पर्य महिला न्यायाधीश को धमकाना नहीं था और न ही वह ऐसा करने के बारे में सोच सकते थे। उन्होंने कहा कि अगर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची तो उन्हें इसका खेद है। पूर्व पीएम इमरान खान ने अदालत को यह भी आश्वासन दिया कि न्यायपालिका के लिए उनके मन में बहुत सम्मान है और उनका मानना है कि अधीनस्थ/जिला न्यायपालिका के न्यायाधीश न्याय देने में महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।
क्या था मामला
इस माह की शुरुआत में एक रैली में खान ने राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किये गये अपने सहयोगी शहजाब गिल के साथ किये गये बर्ताव को लेकर पुलिस अधिकारियों, चुनाव आयोग एवं राजनीतिक विरोधियों के विरूद्ध मामला दर्ज कराने की धमकी थी। साथ ही खान ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबा चौधरी पर भी आपत्ति जताई थी, जिन्होंने इस्लामाबाद पुलिस के अनुरोध पर गिल को दो दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा था। खान ने जेबा चौधरी को लेकर कहा था कि उन्हें "खुद को तैयार रखना चाहिए क्योंकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" इस भाषण के कुछ घंटे बाद ही खान पर अपनी रैली में पुलिस, न्यायपालिका और देश के अन्य संस्थानों को धमकाने के लिए आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।
शहबाज शरीफ और उनके बेटे ने दाखिल की याचिका
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके बेटे हमजा शहबाज के खिलाफ चल रहे मनी लांड्रिंग के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दोनों ने मामले में एक याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने बरी करने की मांग की है। दरअसल, बुधवार को संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की विशेष अदालत को पीएम और उनके बेटे के खिलाफ 1400 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के धनशोधन के मामले में आरोप तय करना था। सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने अदालत को बताया कि इस मामले में एक नई याचिका दायर की है। इस दौरान प्रधानमंत्री के वकील ने अदालत से एक बार उन्हें पेशी से छूट देने का अनुरोध किया। वकीलों ने अदालत को बताया कि वे आज बाढ़ राहत के कामों में बिजी हैं। इस कारण वे पेशी के लिए अदालत नहीं आ सकते।
बता दें कि शहबाज शरीफ और हमजा शरीफ दोनों इस मामले में अग्रिम जमानत पर चल रहे हैं। वहीं, शहबाज शरीफ के छोटे बेटे सुलेमान शरीफ को पहले ही अदालत मामले में दोषी ठहरा चुकी है।
शहबाज शरीफ ने सभी उपहार तोशाखाने में जमा कराए
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विदेशी हस्तियों से मिले सभी उपहार तोशाखाने में जमा करा दिए हैं। इसमें हीरा जड़ित दो घड़ियां भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त 27 करोड़ रुपये के उपहार को भी आम जनता को दिखाया जाएगा। इससे देश के लोगों को मित्र देशों के पाकिस्तान के साथ संबंधों के बारे में पता चल सकेगा सकेगी।
बाढ़ मचा रही कहर
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बाढ़ का तांडव लगातार जारी है। इस जानलेवा बाढ़ से मंगलवार को 11 लोगों की मौत हो गई जिसके बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या अब 1,325 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 12,703 लोग घायल हो गए हैं। देश में सबसे ज्यादा 522 लोगों की मौत सिंध प्रांत में हुई है। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा में 289, बलुचिस्तान में 260, पंजाब में 189, पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में 42, गिल्गिट-बाल्टिस्तान में 22 और इस्लामाबाद में एक व्यक्ति की मौत हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में पांच लाख से अधिक लोग बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और पंजाब प्रांतों में राहत शिविरों में रह रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को 30 साल के औसत की तुलना में 500 प्रतिशत अधिक बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ा है। वहीं लोगों बाढ़ की इस विभीषिका से निकालने के लिए पाकिस्तानी इंजीनियर तरह-तरह की तरकीब लगा रहे हैं ताकि शहर में घुसने वाले पानी की निकासी की जा सके।
WHO ने जारी की चेतावनी
पाकिस्तान में आई बाढ़ के बाद देश के हालात को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है। पूर्वी भूमध्य सागर के लिए डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक डा. अहमद अल-मंधारी ने कहा कि हम पाकिस्तान में बाढ़ के बाद पैदा हुए मानवीय संकटों के बारे में अध्ययन और चिंतन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के वर्तमान हालात बेहद खौफनाक हैं। वहां पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। डा. अहमद अल-मंधारी ने कहा कि बाढ़ के कारण पैदा हुई स्थितियों में वहां लाखों लोग ना केवल पीने के पानी बल्कि दैनिक जीवन की जरूरतों को पूरा करने में गंदे पानी का प्रयोग करने में असमर्थ हैं।