इस्राइल की ओर से हिजबुल्ला के खिलाफ हमले लगातार जारी हैं। बीते दिन इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्ला के कई ठिकानों पर लगातार एक के बाद एक कई मिसाइल हमले किए। वहीं, अब आईडीएफ ने दावा किया है कि बेरूत में हुए हवाई हमले के दौरान हिजबुल्ला की रसद इकाई के प्रमुख सुहैल हुसैन हुसैनी की मौत हो गई। हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि संगठन इस्राइल के दर्दनाक हमलों से आगे बढ़ चुका है। उसने धमकी दी है कि इभी इस्राइल के और नागरिक विस्थापित होंगे।
इस्राइल के सामने नहीं झुकने का संकल्प
हिजबुल्ला के मुताबिक उनका समूह इस्राइल के भीतर तक मार करने वाले रॉकेट दाग रहा है। हिजबुल्ला नेता नईम कासिम ने कहा, 'हम अपने शत्रु के खिलाफ झुकेंगे नहीं। हमारे संगठन की झमताएं बरकरार हैं।' नईम ने लेबनान के सांसद नबीह बेरी के युद्धविराम प्रयासों का समर्थन भी किया। दूसरी तरफ इस्राइली रक्षा मंत्री ने कहा है कि हिजबुल्ला ने संगठन के प्रमुख नसरल्ला के मारे जाने के बाद हाशिम सफीदीन को उत्तराधिकारी नहीं बनाया है। संभवत: वह भी मारा जा चुका है।
आईएडीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सेना ने आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला के मुख्यालय के प्रमुख सोहिल हुसैन हुसैनी को मार डाला। इसमें आगे कहा गया कि कल, इंटेलिजेंस डिवीजन के सटीक निर्देश के तहत इस्राइली वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने बेरूत क्षेत्र को निशाना बनाया और हिजबुल्ला आतंकवादी संगठन के मुख्यालय के प्रमुख को मार डाला।
इससे पहले 3 अक्तूबर को, IAF ने फलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के तीन शीर्ष नेताओं की हत्या की भी घोषणा की थी, जिसमें उनके गाजा सरकार के प्रमुख रावी मुश्तहा भी शामिल थे। आईडीएफ ने जानकारी दी थी कि उत्तरी गाजा में एक भूमिगत परिसर पर हमले में रावी मुश्तहा और दो अन्य हमास कमांडर, समेह सिराज और समेह औदेह मारे गए।
इससे पहले सितंबर में, लेबनान के बेरूत में एक हमले में इस्राइल ने ईरान समर्थित आतंकवादी समूह को बड़ा झटका दिया था। उस हमले में हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की हत्या कर दी गई थी।
हमास और इस्राइल के बीच युद्ध?
हमास ने बीते साल सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमला कर दिया था। इस आतंकवादी हमले में 12 सौ लोग मारे गए थे और लगभग ढाई सौ लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके बाद इस्राइल ने जवाबी कार्रवाई की, जो अभी भी जारी है। अब तक फलस्तीन में 40 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा के 23 करोड़ निवासियों में से अधिकांश विस्थापित हो गए हैं।