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Bangladesh: 'बर्फ अब पिघलने लगी है', भारत-बांग्लादेश के संबंधों पर बोले बीएनपी महासचिव आलमगीर

Wed, 25 Sep 2024 12:43 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

बीएनपी महासचिव ने कहा कि उन्होंने भारत को आश्वासन दिया है कि सत्ता में आने के बाद वे अलगाववादी संगठनों को बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल करने नहीं देंगे। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पूर्वोत्तर भारत के आतंकी संगठन बांग्लादेश में शरण लिए हुए हैं।
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बीएनपी महासचिव मिर्जा फकरुल इस्लाम आलमगीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का मानना है कि अंतरिम सरकार बनने के बाद भारत क साथ रिश्तों में सुधार हो रहा है। बीएनपी प्रमुख बेगम खालिदा जिया दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी है। वह शेख हसीना की सरकार के दौरान बांग्लादेश और भारत के बीच कुछ पहलों की आलोचना करती रही हैं। हाल ही में ढाका में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बीएनपी महासचिव मिर्जा फकरुल इस्लाम आलमगीर से पार्टी कार्यालय में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा के लिए बैठक की। इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए आलमगीर ने कहा कि बर्फ अब पिघलने लगी है।
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भारत-बांग्लादेश के संबंधों में हो रहा सुधार: आलमगीर
भारतीय उच्चायुक्त से बातचीत के बाद आलमगीर ने बताया कि दोनों देशों के बीच कई सकारात्मक चीजें सामने आईं। उन्होंने ने कहा, "बांग्लादेश में पिछले चुनाव के बाद से हमारे संबंधों पर सवाल किए जा रहे हैं। लेकिन इस बार भारतीय उच्चायुक्त के हमारे कार्यलय में आने से स्थिति में सुधार हुआ है। बर्फ अब पिघलने लगी है।" बता दें कि बीएनपी ने इस साल जनवरी में हुए बांग्लादेशी संसदीय चुनाव का बहिस्कार किया था। उन्होंने आगे कहा, "भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं। रिश्तों में सुधार हो रहा है। यह भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधो का एक महत्वपूर्ण मोड़ भी है।"

अलगाववादी संगठनों को बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल नहीं करने देंगे आलमगीर
बीएनपी महासचिव ने कहा कि उन्होंने भारत को आश्वासन दिया है कि सत्ता में आने के बाद वे अलगाववादी संगठनों को बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल करने नहीं देंगे। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पूर्वोत्तर भारत के आतंकी संगठन बांग्लादेश में शरण लिए हुए हैं। उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त के साथ बैठक में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, "हमने दोनों देशो के बीच संबंधों पर चर्चा की। हमने जल बंटवारा मुद्दा, सीमा पर हत्याएं और व्यापार असंतुलन को रेखांकित किया। भारत की सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा है। हमने उनसे वादा किया कि अगर हम सत्ता में आए तो हम अलगाववादी संगठनों को बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल करने नहीं देंगे।"
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आलमगीर ने कहा, "भारत और बांग्लादेश के संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं, लेकिन बीएनपी और भारत के बीच के संबंधों को लेकर गलतफहमी थी। मुझे लगता है कि बर्फ अब पिघलने लगी है। उम्मीद करता हूं कि यह संबंध इस बार अच्छे रहे। वे हमारी स्थिति को समझेंगे।" भारत-बांग्लादेश के संबंधों के लिए कदम तब आगे बढ़े जब 79वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मत तौहीद हुसैन से मुलाकात की।
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