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जो बाइडन बोले: कितनी पीढ़ियों तक अमेरिकी बेटे-बेटियों को अफगानिस्तान भेजता रहूं

Wed, 18 Aug 2021 07:16 AM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

जो बाइडन ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए अफगान नेतृत्व को बिना किसी संघर्ष के तालिबान को सत्ता सौंपने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
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जो बाइडन - फोटो : ANI
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विस्तार
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अफगानिस्तान में तालिबान का राज स्थापित हो चुका है। अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के बाद कुछ ही दिनों में देश पर तालिबान ने कब्जा जमा लिया। इस फैसले को लेकर अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सवालों के घेरे में हैं। इन सवालों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकी फौज की वापसी के फैसले को सही ठहराया। 

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बाइडन ने जनता से कहा है कि अगर अफगानी सैनिक नहीं लड़ते तो मैं कितनी पीढ़ियों तक अमेरिकी बेटे-बेटियों को यहां भेजता रहूं। मेरा जवाब साफ है। मैं वो गलतियां नहीं दोहराऊंगा जो हम पहले कर चुके हैं। 



जो बाइडन ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए अफगान नेतृत्व को बिना किसी संघर्ष के तालिबान को सत्ता सौंपने के लिए जिम्मेदार ठहराया। साथ ही तालिबान को चेतावनी दी कि अगर उसने अमेरिकी कर्मियों पर हमला किया या देश में उनके अभियानों में बाधा पहुंचाई, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा। बाइडन ने अफगानिस्तान से आ रही तस्वीरों को अत्यंत परेशान करने वाली बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक किसी ऐसे युद्ध में नहीं मर सकते जिसमें अफगान बल अपने लिए लड़ना ही नहीं चाहते। 
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इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइ़डन ने मंगलवार को एक बार फिर अफगानिस्तान से सेना वापस बुलाने के फैसले को सही बताया। ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, मैं चौथा ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति हूं जिसने अफगानिस्तान में युद्ध की स्थिति देखी है। ऐसे दो डेमोक्रेट और दो रिपब्लिकन राष्ट्रपति रहे हैं। मैं यह जिम्मेदारी पांचवें राष्ट्रपति के लिए नहीं छोड़ूंगा। मैं यह दावा करके अमेरिकी लोगों को धोखा नहीं दूंगा कि अफगानिस्तान में थोड़ा समय और गुजार कर हम परिवर्तन ले आएंगे।

बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना वापस लाने का फैसला सही थी। अफगान सेना व नेताओं ने ही बिना लड़े हथियार डाल दिए। अशरफ गनी बिना लड़े ही देश छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि बेशक अफगानिस्तान के हालात विकट हैं, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार अशरफ गनी हैं। वहां की बदहाली के लिए वे ही जिम्मेदार हैं और दुनिया को उनसे सवाल पूछने चाहिए। 

बाइडन ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिकी फौज ने बहुत जोखिम उठाया है। मैं अब अपने सैनिकों की जान खतरे में नहीं डाल सकता। अफगान सेना को अत्याधुनिक हथियार और प्रशिक्षण दिया, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं किया। 

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