फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आलसी थे 'होमो इरेक्टस' इसलिए मिट गया दुनिया से नामो निशान: अध्ययन

Sun, 12 Aug 2018 02:20 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
विज्ञापन
होमो इरेक्टस
विज्ञापन
होमो इरेक्टस धरती से सैकड़ों साल पहले कैसे विलुप्त हो गये थे ? इस सवाल का जवाब वैज्ञानिकों ने ढ़ूंढ़ लिया है। वैज्ञानिको को पता चला है कि आलस और बदलते जलवायु के अनुकूल अपने आप को ढाल नहीं पाने के कारण प्रारंभिक मनुष्यों की विलुप्त प्रजाति होमा इरेक्टस का अस्तित्व खत्म हो गया था।  
विज्ञापन

आदि मानव की सभी प्रजातियों में होमो इरेक्टस काफी मजबूत माने जाते हैं इसलिए ये अध्ययन चौंकाने वाला है। 

पूरे पाषाण काल के दौरान अरब प्रायद्वीप में प्राचीन मनुष्य आबादी संबंधी जानकारियां जुटाने के लिए की गई पुरातात्विक खुदाई के दौरान पाया गया कि होमो इरेक्टस ने औजार बनाने और संसाधन जुटाने में 'बेहद कम प्रयास वाली रणनीतियां' अपनाईं।
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) के कैरी शिप्टन ने कहा, ‘ऐसा मालूम होता है कि वह ज्यादा मेहनत करने वाले लोग नहीं थे।'

शिप्टन ने कहा, 'मुझे ऐसा नहीं लगता कि वह बहुत अधिक खोज करने वाले होंगे। उनके पास आश्चर्य करने की वह समझ नहीं थी जो हमारे पास है।' 
पत्थरों से बनाए गए उनके औजार और जुटाए गए संसाधनों को देखकर यह साफ मालूम होता है। वह अपने आस-पास पड़े पत्थरों को उठाकर ही औजार बना लेते थे जबकि शुरुआती होमो सेपियन्स और निएंडरथल्स अच्छी गुणवत्ता वाले पत्थर लाने के पहाड़ तक चढ़ जाते थे और लंबी-लंबी दूरी तय कर उन्हें लेकर आते थे।
विज्ञापन


होमो इरेक्टस का अर्थ है 'सीधा आदमी',ये होमिनिड की एक विलुप्त प्रजाति है जो प्लीस्तोसीन भूवैज्ञानिक युग के ज्यादातर समय के दौरान मौजूद था। इसका प्रारंभिक जीवाश्म सबूत 19 लाख साल पहले और सबसे हाल का 70,000 साल पहले का मिलता है। 

आम तौर पर माना जाता है कि होमो इरेक्टस की उत्पत्ति अफ्रीका में हुई और वहां से वह फैला है, पलायन करते हुए पूरे यूरेशिया में सुदूर जॉर्जिया, भारत, श्रीलंका, चीन और इंडोनेशिया तक पहुंच गया था।  होमो इरेक्टस के वर्गीकरण, वंश, और उसकी संतान के ऊपर बहस और शोध अभी भी जारी है। लेकिन लुप्त होने के पीछे की वजह आलस होना काफी दिलचस्प है।
विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें