भारतीय मूल के अमेरिकी अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एक एतिहासिक मुकदमा जीत कर इतिहास रच दिया है, जिसके बाद से उन्हें सच्चे देशभक्त और नेशनल हीरो के नाम से सम्मानित किया जा रहा है। कानूनी सलाहकारों का कहना है कि शायद अमेरिकी इतिहास का यह सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक मामला था। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनकी तारीफ की है।
यह है पूरा मामला
पूर्व राष्ट्रपति ने भी जाहिर की खुशी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अमेरिका के कानून विशेषज्ञों ने एतिहासिक फैसले पर खुशी जाहिर की। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्वीट कर नील को बधाई देते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च अदालत ने आज स्वतंत्र राज्य विधायिका सिद्धांत को खारिज कर दिया, जिसने हमारे लोकतंत्र को खत्म करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि फैसला यह स्पष्ट करता है कि उत्तरी कैरोलिना सहित हर राज्य में अदालतें, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना जारी रख सकती हैं। इसके साथ ही एक्टिविस्ट और अभिनेत्री मिया फैरो ने भी फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि दो महान अमेरिकियों और दो महान कानूनी दिमागों को धन्यवाद।
अब जानिए कौन हैं, नील कात्याल