कैरेबियाई देश हैती के राष्ट्रपति जोवेनल मोइसी की हत्या कर दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति के घर में घुसकर उन पर हमला किया गया। हैती के अंतरिम प्रधानमंत्री क्लाउड जोसेफ ने बताया कि यह घटना बुधवार तड़के हुई। मोइसी को बेहद ही अमानवीय और नृशंस तरीके से मारा गया है। बता दें कि हाल के महीनों में राजधानी में हिंसा बढ़ने से देश में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जोसेफ ने बताया कि हमलावर अज्ञात हैं और इनमें से कुछ स्पैनिश भाषा में बात कर रहे थे। उन्होंने इसे एक घिनौना कृत्य बताते हुए घटना की निंदा की और कहा कि हमले में राष्ट्रपति मोइस बुरी तरह से घायल हो गए थे। हमलावरों ने देश की प्रथम महिला को भी गोली मारी है लेकिन उनकी जान बच गई। वे फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। अंतरिम प्रधानमंत्री क्लाउड जोसेफ ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र और गणतंत्र की जीत होगी। बता दें कि राष्ट्रपति की हत्या देश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच हुई है। इस साल की शुरुआत में ही हैती के भीतर सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए थे। विपक्ष ने कहा था कि मोइस के पांच साल के कार्यकाल का अंत इसी साल हो जाना चाहिए लेकिन इस पर राष्ट्रपति ने कहा था कि वह एक साल और पद पर रहेंगे।
पहले भी हत्या की कोशिश हुई
इससे पहले भी मोइस की हत्या करने की कोशिश हुई थी। इसकी जानकारी राष्ट्रपति जोवेनल मोइसी ने खुद दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी हत्या करने के लिए साजिश रची गई थी, जिसे उनकी सुरक्षा एजेंसियों ने फरवरी में ही नाकाम कर दिया। उन्होंने बताया था, ‘मैं पैलेस के अपने सुरक्षा प्रमुख को धन्यवाद कहता हूं, जिन्होंने यह साजिश नाकाम कर दी।
व्हाइट हाउस ने कहा, हमला भयावह और दुखद
अमेरिका ने इस हमले को भयावह और दुखद बताया है। व्हाइट हाउस ने कहा, वह अभी इस बारे में जानकारी जुटा रहा है कि वास्तव में वहां हुआ क्या था। प्रवक्ता जेन साकी ने कहा, हैती के लोगों के लिए यह एक त्रासदी है। यह एक भयानक अपराध है और हमें इस नुकसान के लिए खेद है। हम उनके साथ खड़े हैं और उन्हें किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार हैं।
आर्थिक, राजनीतिक व सामाजिक संकट
हैती में आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक संकट हाल ही में काफी गहरा गया है। इस साल जहां पोर्ट-ऑ-प्रिंस में सार्वजनिक हिंसा में भारी वृद्धि हुई है वहीं देश में मुद्रास्फीति बढ़ती जा रही है। देश में भोजन और ईंधन की कमी भी हो रही है। यहां की 60 फीसदी आबादी हर दिन दो डॉलर से भी कम कमाती है। यह संकट ऐसे समय में है जब यह देश 2010 के भूकंप और 2016 के तूफान से उबरने की कोशिश कर रहा है।