यहां एक मकान में आग लगने से दो महिलाओं और दो बच्चों की मौत हो गई। लंदन में यह हादसा इसलिए अहम है क्योंकि यहां कई वर्षों से आग लगने की कोई घटना नहीं हुई है। घटनास्थल पर करीब छह दमकल गाड़ियां और 40 दमकलकर्मी भेजे गए। जानकारी के मुताबिक, राहत दल ने सीढ़ी लगाकर मकान के ऊपरी तल से चार लोगों को निकाला, लेकिन इन सभी चारों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इनमें दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। दमकल सेवा के पहुंचने से पहले मकान से बाहर निकलने में सफल रहे एक व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया। लंदन के मेयर साकिब खान ने इसे हृदयविदारक घटना बताया।
दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार को कहा कि उसने रूसी और चीनी युद्धक विमानों के एक समूह का जवाब देने के लिए लड़ाकू जेट विमानों को भेजा, जो अचानक से उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ ने कहा कि पूर्वी तट से देश के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में सात रूसी और दो चीनी सैन्य विमान देखे गए। उन्होंने कहा कि किसी खतरे की आशंका से, दक्षिण कोरिया ने संघर्ष को रोकने के लिए पहले ही लड़ाकू जेट और अन्य विमान क्षेत्र में भेजे, लेकिन तब तक रूसी और चीनी विमान दक्षिण कोरिया के क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र से चले गए। चीन ने बाद में दक्षिण कोरिया को सैन्य संवाद के माध्यम से बताया कि उड़ान रूस के साथ उसके नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा थी।
बांग्लादेश में इस्लामाबाद से ढाका आए क्रिकेट खिलाड़ियों के दौरे के विरोध में पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज जलाए गए और ढाका विश्वविद्यालय के खेल मैदान में अपने देश के झंडे फहराए। विश्वविद्यालय स्थित राजू मेमोरियल मंच के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए।
इस वर्ष अगस्त में मुक्तिजोधा मंच ने 2004 में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना पर ग्रेनेड हमले को चिंहित करते हुए ढाका में पाकिस्तानी उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया था। उस वक्त इस घटना में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई थी। मुक्तिजोधा मंच के नेताओं ने शुक्रवार को ढाका में पाकिस्तानी क्रिकेटरों का भी विरोध किया। बता दें, मुक्तिजोधा मंच बांग्लादेशी स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों का एक मंच है जिसमें ज्यादातर छात्र लीग के सदस्य शामिल हैं।
अमेरिका के डेविस में स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी कैंपस ने जाति आधारित भेदभाव को भी अपनी भेदभाव-विरोधी नीतियों का हिस्सा बनाया है। यहां जाति अब आधिकारिक रूप से भेदभाव विरोधी नीतियों का हिस्सा बन गई है। इससे भारतीय, नेपाली और एशियाई छात्रों को भी राहत मिलेगी।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के डेविस कैंपस में बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की थी कि उन्हें यूनिवर्सिटी में जाति के कारण भेदभाव झेलना पड़ा है। सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल अखबार के मुताबिक नए नियमों के तहत अब वे छात्र या अध्यापक भी आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज करवा सकते हैं जिनके साथ उनकी जाति के कारण भेदभाव होता है।