कोरोना वायरस का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दुनियाभर में एक बार फिर इसका खतरा बढ़ता जा रहा है। फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स ने मंगलवार को संसद में कहा कि फ्रांस कोरोना की तीसरी लहर की चपेट में है। नबंवर के बाद पहली बार सात दिनों में नए मामले 25,000 से ऊपर चले गए हैं।
फ्रांस में कोरोना वायरस के नए मामलों की लगातार वृद्धि हो रही है। इसके कारण अस्पातालों पर भारी दबाव पड़ रहा है। प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के मामलों में हो रही वृद्धि को सिर्फ लॉकडाउन लगाकर ही रोका जा सकता है।
फ्रांस अपने नागरिकों को टीका लगाने में काफी पीछे रह गया है। फ्रांस इस मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन से काफी पीछे है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अभी भी उम्मीद है कि टीकाकरण अभियान कोरोना वायरस तीसरी लहर के प्रभावों को रोक सकता है और तीसरे लॉकडाउन से बचा जा सकता है।
बता दें कि फ्रांस ने एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल को रोक दिया है। अस्पतालों में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, साथ ही कोविड 19 से होने वाली मौतों में भी वृद्धि हुई है।