म्यांमार में पिछले महीने हुए सैन्य तख्तापलट के खिलाफ मंगलवार सुबह विभिन्न हिस्सों में लोगों ने छोटे-छोटे समूहों में शांतिपूर्ण मार्च निकाले। इस दौरान भी सुरक्षा बलों ने हिंसक कार्रवाई का सहारा लिया। इसमें यंगून में कम से कम दो लोगों की मौत हुई।
म्यांमार के सबसे बड़े शहर यंगून में मंगलवार को भी हिंसा की खबरें आईं। यंगून में अब तक सबसे अधिक प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में अपनी जान गंवा चुके हैं। पुलिस ने यंगून के आसपास के इलाकों में मंगलवार को भीड़ पर रबर की गोलियां दागीं, जहां दो लोगों की मौत की खबर है।
संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को कहा था कि म्यांमार में एक फरवरी को सैन्य तख्तापलट होने के बाद से कम से कम 149 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना समदसानी ने कहा कि सोमवार को कम से कम 11 लोगों की मौत हुई जबकि सप्ताहांत में 57 लोगों की जान गई थी।
यूएन महासचिव ने जताया दुख
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने म्यांमा में बढ़ती हिंसा पर दुख जताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वहां सैन्य दमन समाप्त करने में मदद करने के लिए सामूहिक एवं द्विपक्षीय रूप से काम करने की अपील की है। गुतारेस ने एक बयान में कहा कि म्यांमार की सेना द्वारा की जा रही प्रदर्शनकारियों की हत्याएं और मनमाने ढंग से गिरफ्तारियां संयम, वार्ता और देश को लोकतांत्रिक पथ पर वापस लाने की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अपील की अवहेलना है।