अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई
- फोटो : एएनआई (फाइल)
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा है कि पंजशीर में तालिबान और उसका विरोध कर रहे मोर्चे को लड़ाई बंद करनी चाहिे और बातचीत के जरिए अपने मामले सुलझाने चाहिए। समाचार एजेंसी एएनआई ने यह जानकारी अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के हवाले से दी है।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं की काबुल में रैली
इसके साथ ही काबुल में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं के एक समूह ने रैली निकाली। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इन कार्यकर्ताओं ने तालिबान व अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यहां की भविष्य की सरकार में महिलाओं के लिए निर्णय लेने वाली भूमिकाएं सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
रूस चाहता है शांत-लोकतांत्रिक अफगानिस्तान
उधर, भारत के लिए रूस के राजदूत निकोलाइ कुदाशेव ने कहा है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान के लिए रूस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं भारत ये भावनाएं साझा कर सकता है। यह भावनाएं हमारे द्विपक्षीय सहयोग और समूहों में साफ दिखती है।
ब्रिटेन नहीं देगा तालिबान की सरकार को मान्यता
उधर, समाचार एजेंसी एएनआई ने रॉयटर्स के हवाले से खबर दी है कि ब्रिटेन काबुल में तालिबान की नई सरकार को मान्यता नहीं देगा। ब्रिटेन के विदेश सचिव डॉमिनिक रैब ने इस संबंध में कहा है कि ब्रिटेन तालिबान को काबुल में नई सरकार के रूप में मान्यता नहीं देगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में नई वास्तविकताओं से निपटना होगा और हम देश के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को टूटते हुए नहीं देखना चाहते।