अब विशेषज्ञ इसकी वजहों को समझने की कोशिश में जुटे हैं। विंगफील्ड ने कहा- ‘गर्म मौसम के कारण लोग घरों से बाहर- खुले स्थलों पर ज्यादा रहने लगे। घरों में भी दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखी जाने लगीं। इससे वेंटिलेशन सुधरा। ये बात ध्यान में रखनी चाहिए कि खुले वातावरण में कोरोना वायरस कम संक्रमित होता है।’
अब विशेषज्ञ इस ओर भी इशारा कर रहे हैं कि जून-जुलाई में संक्रमण का फैलाव यूरो फुटबॉल टूर्नामेंट की वजह से हुआ। मैकॉन्वे ने कहा कि विशेषज्ञों ने पहले अनुमान लगाते वक्त इस पहलू को ध्यान में नहीं रखा था। टूर्नामेंट के कारण स्टेडिमों, पब और सड़कों पर भीड़ जुटी। उससे संक्रमण फैला। 11 जुलाई टूर्नामेंट खत्म होने के बाद ये कारण दूर हो गया। इससे कुछ दिनों के उपरांत संक्रमण में कमी आने लगी।
प्रधानमंत्री जॉनसन ने जब सोशल डिस्टेंसिंग के नियम हटाए थे, तब उनकी कई हलकों से कड़ी आलोचना हुई थी। अब पूछा जा रहा है कि क्या आखिरकार जॉनसन सही साबित हुए। मैकॉन्वे का कहना है- ‘इस बारे में अभी कुछ कहना बहुत जल्दबाजी होगी। अभी भी ये खतरा बना हुआ है कि नए मामले घटने पर लोग सावधानी में ढील देने लगेंगे। उससे संक्रमण नए सिरे से फैल सकता है।’ इसी आशंका के कारण विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते रहें।