पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री सैयद यूसुफ रजा गिलानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके सीनेट के अध्यक्ष बनने की संभावनाएं तेज हो गई है। सीनेट के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए गिलानी ने अपना नामांकन पत्र जमा किया है। गौरतलब है कि आठ फरवरी को पंजाब प्रांत के मुल्तान से नेशनल असेंबली के लिए चुनाव जीता था,हालांकि उन्होंने अपनी सीट खाली कर दी है। इस्लामाबाद से सीनेट सीट के लिए चुनाव लड़ेंगे।
गिलानी के सीनेट अध्यक्ष बनने की उम्मीद
29 फरवरी को निचले सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले गिलानी ने रविवार को नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री चुनने के लिए चुनाव के दौरान पाकिस्तान मुस्लिम लीन-नवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ के लिए मतदान किया। पीपीपी और पीएमएल-एन के बीच गठबंधन के बाद गिलानी के अगले सीनेट अध्यक्ष बनने की उम्मीद है। बता दें गिलानी ने 2008 से 2012 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।
मेहरबान से होगा गिलानी का मुकाबला
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि सीनेट अध्यक्ष पद के लिए गिलानी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के समर्थित चौधरी इलियास मेहरबान से होगा। सीनेट के लिए मतदान 14 मार्च को नेशनल असेंबली में होगा। मेहरबान सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) के उम्मीदवार होंगे क्योंकि पीटीआई का नेशनल असेंबली में प्रतिनिधित्व नहीं है क्योंकि इमरान खान की पार्टी चुनाव नहीं लड़ सकती है।
गौरतलब है कि कई राजनीतिक दलों के कुल 19 अन्य उम्मीदवार सीनेट की पांच अन्य सीटों के लिए मैदान में हैं, जिनमें से तीन बलूचिस्तान से और दो सिंध से हैं, जो राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए संसद के ऊपरी सदन के सदस्यों के चुनाव के बाद खाली हो गई थीं। नामांकन पत्र जमा करने के लिए पाकिस्तान चुनाव आयोग की समय सीमा रविवार को खत्म हो गई है। बता दें पीएमएल-एन के पास नेशनल असेंबली में स्पष्ट बहुमत है, जहां इस्लामाबाद से सीनेट सीट पर चुनाव के लिए मतदान होगा और इसलिए उनके सीनेट अध्यक्ष पद पर जीतने की संभावना ज्यादा है।