यूरोप के संसदीय चुनाव के नतीजे जारी हो गए हैं। ये नतीजे स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के लिए चौंकाने वाले रहे हैं। दरअसल उनकी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है और ये तब हुआ है, जब वह खुद एक जानलेवा हमले में बचे हैं और माना जा रहा था कि उन्हें सहानुभूति वोट मिल सकते हैं, लेकिन जनता ने उनकी पार्टी को नकार दिया।
नहीं मिल पाई जनता की सहानुभूति
रॉबर्ट फिको की वामपंथी पार्टी स्मेर-एसडी को विपक्षी लिबरल पार्टी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। स्मेर एसडी ने लिबरल पार्टी को जीत की बधाई दी है। रॉबर्ट फिको (59 वर्षीय) यूक्रेन को हथियार और आर्थिक मदद देने के खिलाफ हैं। स्लोवाकिया में हुए हालिया ओपिनियन पोल में रॉबर्ट फिको की पार्टी को सबसे आगे बताया गया था और ऐसा लग रहा था कि रॉबर्ट फिको पर हुए जानलेवा हमले से लोग उन्हें जमकर वोट करेंगे और उन्हें लोगों का साथ मिलेगा, लेकिन नतीजों में इसके उलट हुआ।
विपक्षी प्रोग्रेसिव स्लोवाकिया पार्टी ने 27.81 प्रतिशत वोट पाए और छह सीटों पर कब्जा किया। वहीं रॉबर्ट फिको की पार्टी स्मेर-एसडी ने 24.76 प्रतिशत मत पाए और पार्टी ने यूरोपीय संसद की पांच सीटों पर कब्जा किया। स्लोवाकिया की दक्षिणपंथी पार्टी रिपब्लिका तीसरे स्थान पर ही और पार्टी को 12.53 प्रतिशत वोट और दो सीटें मिलीं।
फिको पर हुआ था जानलेवा हमला
रॉबर्ट फिको को बीती 15 मई को एक कार्यक्रम के दौरान नजदीक से 4 गोलियां मारी गईं थी। फिको पर हमला उस वक्त हुआ, जब वे समर्थकों से मुलाकात कर रहे थे। आरोपी की पहचान स्लोवाकिया के 71 वर्षीय जुराज सिंटुला के रूप में हुई। फिको को रूस समर्थक माना जाता है और वह लगातार यूक्रेन को आर्थिक मदद और हथियार देने के खिलाफ रहे हैं। अब जब पूरे यूरोप में रूस को लेकर एक डर का माहौल है, तो ऐसे में यूरोपीय संसद के चुनाव में लोगों ने रूसी समर्थक पार्टियों को नकार दिया है।