अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीशों के लिए अपने पहले औपचारिक आचार संहिता को अपनाया है। कोर्ट ने अदालत के सदस्यों के आचरण का मार्ग दर्शन करने वाले नैतिक नियमों और सिद्धांतों को संक्षेप में प्रस्तुत करने और एक साथ इकट्ठा करने के लिए अपना कोड जारी किया।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपने नौ न्यायाधीशों के नैतिक व्यवहार को नियंत्रित करने वाली पहली औपचारिक आचार संहिता को अपनाया है। अघोषित लक्जरी यात्राओं और धनी लाभार्थियों के साथ मेलजोल के खुलासे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला लिया है। बता दें संघीय न्यायपालिका के अन्य सदस्यों के हटकर, सुप्रीम कोर्ट के नौ आजीवन न्यायाधीशों ने लंबे समय तक बिना किसी बाध्यकारी नैतिकता संहिता के काम किया है।
जारी बयान के मुताबिक, यह गलतफहमी पैदा हो गई है कि इस कोर्ट के न्यायाधीश, इस देश के अन्य सभी न्यायविदों के हटकर खुद को किसी भी नैतिक नियम से अप्रतिबंधित मानते हैं। इसी मुद्दे को दूर करने के लिए हमने अपने पहले औपचारिक आचार संहिता को अपनाया है। निजी जेट पर अघोषित यात्राएं, लक्जरी छुट्टियां, रियल एस्टेट और मनोरंजक वाहन खरीद पर न्यायाधीशों के खुलासे से अदालत परेशान है। बता दें यह मुद्दा एक राजनीतिक मुद्दे पर बदल गया था। कांग्रेस में डेमोक्रेट्स ने अदालत से एक नैतिक संहिता अपनाने का आह्वान किया था।