पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक सैन्य छावनी पर सोमवार को 10 आतंकियों द्वारा हमला करने की घटना सामने आई है। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के आठ जवान मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने इस बारे में मंगलवार को जानकारी दी। सेना ने यह भी बताया कि जवाबी कार्रवाई में सभी 10 आतंकी भी मारे गए।
सेना द्वारा जारी बयान के मुताबिक, सोमवार को आंतकियों के समूह ने बन्नू छावनी में घुसने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने छावनी पर हमला भी कर दिया। सुरक्षा बलों ने आतंकियों को जबदस्त टक्कर देते हुए उनके हमले को प्रभावी ढंग से विफल कर दिया। इस कार्रवाई में 10 आतंकी और आठ सेना के जवान मारे गए। सेना ने बताया कि आतंकियों ने विस्फोटक से भरे वाहन को छावनी की दीवार टक्कर मारी थी, जिसके कारण दीवार का एक हिस्सा ढह गया।
बयान में कहा गया है कि यह हमला हाफिज गुल बहादुर के ग्रुप द्वारा किया गया था, जो अफगानिस्तान से संचालित होता है। सेना ने अफगानिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि अफगान अपनी धरती का इस्तेमाल पहले भी पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए करता रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने लगातार अंतरिम अफगान सरकार के समक्ष अपनी चिंताओं को उठाया है। उनसे आतंकवादियों द्वारा अफगान धरती के लगातार उपयोग से इनकार करने और ऐसे तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है।
वहीं, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने हमले की निंदा की और कहा कि आतंक के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तानी सेना का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सुरक्षा बलों की समय पर कार्रवाई ने बन्नू छावनी को एक बड़ी तबाही से बचा लिया।
गौरतलब है कि नवंबर 2022 में सरकार और प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आतंकवादी समूह के बीच युद्धविराम की समाप्ति के बाद पाकिस्तान में बीते साल से हमलों में बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है।