भारत के नामित आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोप में तीन भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी की गई है। इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आरोप लगाया था कि भारत की जारी चेतावनी पर कनाडा सरकार ध्यान नहीं देती है, अपराधिक संबंधों वाले लोगों को भी वीजा दे दिया जाता है। इस पर कनाडा के आव्रजन मंत्री सफाई देते घूम रहे हैं।मार्क मिलर का दावा है कि वे ढिलाई नहीं बरत रहे। उन्होंने कहा कि भारत के विदेश मंत्री अपनी बात करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन यह आरोप सही नहीं है।
भारत के कनाडा के संबंधों में कुछ समय से खटास आ चुकी है। भारत के नामित आतंकवादी की मौत के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। 5 मई को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि कनाडा भारत की चेतावनियों को नजरअंदाज कर अपराध से जुड़े भारतीयों का स्वागत किया जा रहा है। वह चेतावनी के बावजूद ऐसे लोगों का वीजा जारी किया जा रहा है जो कि अपराधी है। जयशंकर ने कहा कि भारत ने 25 लोगों के प्रत्यर्पण की मांग की, जिनमें से अधिकांश खालिस्तान समर्थक हैं, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान समर्थकों ने कनाडा में अपना गुट बनाना शुरू कर दिया है। राजनीतिक रूप से ये संगठित होकर लॉबी तैयार कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा उन्होंने यह भी कहा कि पूछताछ रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस को दी जानी चाहिए। जयशंकर ने शनिवार को कहा कि निज्जर की हत्या को लेकर चुनावी राज्य कनाडा में जो कुछ हो रहा है, वह ज्यादातर उनकी आंतरिक वोट बैंक की राजनीति के कारण है और इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थक लोगों का एक वर्ग कनाडा के लोकतंत्र का उपयोग कर रहा है, एक लॉबी बना रहा है और वोट बैंक बन गया है।
इस पर कनाडा के आप्रवासन, शरणार्थी और नागरिकता मंत्री मार्क मिलर ने कहा कि विदेश मंत्री अपनी राय दे सकते हैं, लेकिन यह सब सही नहीं है। हम किसी प्रकार की कोई ढिलाई नही बरत रहे हैं। मिलर ने यह भी कहा कि पुलिस अपनी जांच कर रही है, इसलिए पूरी बात नहीं बता सकते हैं। उन्होंने बताया कि देश में आने की अनुमति से पहले उनके आपराधिक रिकॉर्ड देखा जाता है। हम हर तरह की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हैं।
बता दें कि 4 मई को कनाडा की पुलिस द्वारा तीन लोगों को गिरफ्तार कर तस्वीर जारी की। एक अधिकारी के बयान के अनुसार तीनों भारतीय हैं, क्योंकि उनके नाम करणप्रीत सिंह, कमलप्रीत सिंह और करण बराड बताए हैं। तीनों को अल्बर्टा के एडमोंटन से गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल पिछले साल जून में कनाडा के सरी शहर में एक गुरुद्वारा साहिब के निकट गोली मारकर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है। खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच तनातनी बनी हुई है।