Over 100,000 people attended the funeral of an Islamic teacher in Brahmanbaria
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बांग्लादेश में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए एक इस्लामी नेता के अंतिम संस्कार में करीब एक लाख लोग जमा हो गए। ब्राहमनबारिया जिले में इस्लामी पार्टी के नेता मौलाना जुबैर अहमद अंसारी के समर्थकों के भीतर कोरोना वायरस का खौफ उस वक्त खत्म हो गया जब उनके जनाजे में शामिल होने भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रधानमंत्री के विशेष सचिव शाह अली फरहद और इलाके के पुलिस प्रवक्ता इम्तियाज अहमद ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी तौर पर अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की अधिकतम संख्या पांच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, लेकिन वहां करीब एक लाख लोगों के जुटने से वायरस फैलने का खतरा बहुत बढ़ गया है।
इस्लामिक पार्टी के संयुक्त महासचिव मोहम्मद मैमुनूल हक के मुताबिक ब्राहमनबारिया जिले की सड़कों पर उस दौरान लोग ही लोग नजर आ रहे थे और हर गली से लोग जनाजे में शामिल होने उमड़ पड़े थे।
हालात ऐसे थे कि पुलिस भीड़ पर नियंत्रण नहीं रख पा रही थी। बांग्लादेश पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक अब इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं कि आखिर इतने लोग इतनी सख्त पाबंदियों के बावजूद यहां कैसे जमा हो गए।
बांग्लादेश पिछले काफी वक्त से अपने देश में पूरी एहतियात बरत रहा है, वहां भी लॉकडाउन लागू है और कोरोना के मामलों पर काबू करने की हर संभव कोशिश हो रही है। इसमें अब तक कुछ हद तक कामयाबी भी मिली है, लेकिन शनिवार को जिस तरह लॉकडाउन की धज्जियां उड़ीं, उससे सरकार के हो उड़ गए हैं और ये डर सताने लगा है कि कहीं इससे हालात और बिगड़ न जाएं।
बांग्लादेश के पास अभी जांच की उतनी सुविधा भी नहीं है और न ही उतने पीपीई किट हैं जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जांच करवाई जा सके। जाहिर है, सरकार के लिए यह एक नया सिरदर्द है और इसे लेकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकें जारी हैं।