राष्ट्रपति जो बाइडन ने अब किराया न चुका पाने वाले लोगों को राहत देने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर टालने की कोशिश की है। बेदखली की समयसीमा खत्म होने के बाद एक बयान में उन्होंने कहा- ‘हर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को अपने खजाने से धन का प्रावधान कर लोगों की बेदखली रोकने की कोशिश करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि राज्य और स्थानीय प्रशासन आपातकालीन किराया सहायता और अमेरिकन बचाव योजना (कोरोना राहत पैकेज) के तहत संघीय सरकार से मिले कोष का उपयोग कर ऐसी सहायता दे सकते हैं।
अमेरिकी मीडिया में छपे अनुमानों के मुताबिक अमेरिका में इस समय डेढ़ करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपना किराया नहीं चुकाया है। उन पर कुल मिल कर 20 अरब डॉलर का किराया बकाया है। एक अन्य अनुमान में बताया गया है कि अगर राज्य और स्थानीय प्रशासन से मदद नहीं मिली, तो 36 लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी अगले एक हफ्ते के अंदर बेदखली हो सकती है।
पर्यवेक्षकों ने कहा है कि कॉरपोरेट सेक्टर के मकान मालिक अपने मकान खाली कराने के इंतजार में थे। आरोप है कि उनकी तरफ से हुई लॉबिंग के कारण ही बेदखली पर रोक का बिल पारित नहीं हो सका। इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा गुस्से का शिकार डेमोक्रेटिक पार्टी है। चर्चाओं में ये आम शिकायत है कि डेमोक्रेटिक नेतृत्व ने सदन में पार्टी का बहुमत होने के बावजूद बिल पारित कराने के लिए जोर नहीं लगाया। इससे देश में लाखों लोग मुसीबत में पड़ गए हैं। इसकी भारी कीमत अगले साल पार्टी को संसदीय चुनाव में चुकानी पड़ सकती है।